October 8, 2026

गुलाब का पौधा घर पर तैयार करने का आसान तरीका, एक कटिंग से जड़ें बनने तक रखें इन बातों का खास ध्यान

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नई दिल्ली ।घर में गुलाब का पौधा लगाने के लिए हर बार नर्सरी से नया पौधा खरीदना जरूरी नहीं है। पहले से मौजूद स्वस्थ गुलाब के पौधे की एक अच्छी कटिंग से भी नया पौधा तैयार किया जा सकता है। हालांकि, कटिंग से जड़ें बनने की प्रक्रिया कई बातों पर निर्भर करती है। तने की सेहत, मौसम, मिट्टी, नमी और रोशनी का इस प्रक्रिया पर असर पड़ता है। खास तौर पर कटिंग को जरूरत से ज्यादा पानी और शुरुआती दौर में तेज धूप से बचाना जरूरी होता है।

गुलाब की कटिंग तैयार करने के लिए सबसे पहले स्वस्थ टहनी का चुनाव करना चाहिए। करीब 10 से 15 सेंटीमीटर लंबी ऐसी शाखा लें जो न तो बहुत कोमल हो और न ही पूरी तरह पुरानी और लकड़ी जैसी हो। तने पर किसी तरह के कीड़े, काले धब्बे, सड़न या बीमारी के निशान नहीं होने चाहिए। कटिंग काटने के लिए साफ कैंची या चाकू का इस्तेमाल करना बेहतर रहता है, ताकि तने को अनावश्यक नुकसान न पहुंचे।

कटिंग तैयार करने के बाद उसके निचले हिस्से की पत्तियां हटा दें और ऊपर केवल दो या तीन पत्तियां रहने दें। इसके बाद कटिंग के निचले सिरे को हल्का तिरछा काटा जा सकता है। इससे उसे मिट्टी में लगाने में आसानी होती है। कटिंग को तैयार करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि तना स्वस्थ और मजबूत हो, क्योंकि कमजोर या संक्रमित टहनी से पौधा तैयार होने की संभावना प्रभावित हो सकती है।

अब कटिंग लगाने के लिए ऐसे गमले और मिट्टी की जरूरत होगी, जिसमें अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल सके। सामान्य मिट्टी में कोकोपीट और रेत मिलाकर ऐसा पॉटिंग मिक्स तैयार किया जा सकता है, जिसमें नमी बनी रहे और पानी जमा न हो। गमले के नीचे ड्रेनेज होल होना जरूरी है। मिट्टी भरने के बाद बीच में कटिंग के निचले हिस्से को लगाने के लिए छोटा गड्ढा बनाएं। कटिंग रखने के बाद उसके आसपास की मिट्टी को हल्के हाथ से दबाएं और थोड़ी मात्रा में पानी दें।

कटिंग लगाने के बाद सबसे ज्यादा ध्यान नमी पर देना होता है। मिट्टी पूरी तरह सूखने नहीं देनी चाहिए, लेकिन उसे लगातार पानी से भरा रखना भी ठीक नहीं है। अत्यधिक नमी के कारण कटिंग के सड़ने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए मिट्टी की स्थिति देखकर जरूरत के अनुसार पानी देना चाहिए। गमले में जल निकासी अच्छी होने से अतिरिक्त पानी बाहर निकल जाता है और कटिंग के आसपास उचित नमी बनाए रखने में मदद मिलती है।

शुरुआती समय में कटिंग को तेज सीधी धूप में रखने से बचना चाहिए। ऐसी जगह रखना बेहतर है जहां पर्याप्त रोशनी मिले, लेकिन सीधे तेज धूप का असर न हो। आसपास की नमी बनाए रखने के लिए पारदर्शी प्लास्टिक कवर का इस्तेमाल किया जा सकता है, हालांकि उसे पूरी तरह बंद नहीं करना चाहिए। हवा का आवागमन बना रहना जरूरी है। जड़ें बनने का समय निश्चित नहीं होता और मौसम, गुलाब की किस्म, कटिंग की स्थिति, मिट्टी तथा नमी के आधार पर इसमें अंतर हो सकता है। कुछ मामलों में कुछ हफ्तों में जड़ों की शुरुआत हो सकती है।

कटिंग पर नई पत्तियां या नई बढ़त दिखाई देने लगे तो इसे सकारात्मक संकेत माना जा सकता है, लेकिन इससे यह निश्चित नहीं होता कि जड़ें पूरी तरह विकसित हो चुकी हैं। इसलिए नई पत्तियां निकलते ही कटिंग को गमले से निकालकर जांचने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। जब जड़ें अच्छी तरह विकसित हो जाएं, तभी पौधे को सावधानी से बड़े गमले में स्थानांतरित किया जाना चाहिए। शुरुआती दौर में बहुत ज्यादा खाद या पानी देने के बजाय उचित नमी, जल निकासी और रोशनी का ध्यान रखना जरूरी है।

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