October 9, 2026

फ्लाईदुबई की उड़ान में 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट को इस्राइल देगा राष्ट्रपति पुरस्कार

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तेल अवीव। फ्लाईदुबई की उड़ान में कथित अपहरण की कोशिश को नाकाम करने और बड़ी विमानन दुर्घटना टालने में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को इस्राइल नागरिक वीरता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित करेगा। राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। घटना के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए कैप्टन मच्छार फिलहाल अबू धाबी के अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। इस्राइल ने विमान में सवार छह यात्रियों को भी उनकी बहादुरी के लिए सम्मानित किया है।

छह इस्राइली यात्रियों को भी मिलेगा नागरिक वीरता पदक
राष्ट्रपति हर्जोग ने पिछले सप्ताह फ्लाइट FZ1073 को दुर्घटनाग्रस्त करने की कथित कोशिश को विफल करने में मदद करने वाले छह इस्राइली यात्रियों को नागरिक वीरता के लिए राष्ट्रपति पदक प्रदान किया। जेरूसलम पोस्ट और टाइम्स ऑफ इस्राइल की रिपोर्ट के मुताबिक, सम्मानित होने वालों में ताली मानेस, ज्विका मानेस, यानिव हयौन, डॉ. शोता मुसायेव, आसफ राजुआन और ओर पारडिलोव शामिल हैं। इन सभी ने कथित अपहरण के प्रयास को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

यात्रियों की सूझबूझ से टली बड़ी विमानन दुर्घटना
घटना के दौरान ताली मानेस ने सबसे पहले खतरे को भांपकर चेतावनी दी। इसके बाद यानिव हयौन, ज्विका मानेस, ओर पारडिलोव और आसफ राजुआन ने मिलकर सह-पायलट को काबू करने में मदद की। पेशे से चिकित्सक डॉ. शोता मुसायेव ने घायल पायलट को तत्काल चिकित्सा सहायता दी।

राष्ट्रपति हर्जोग ने यरुशलम में इन यात्रियों की सराहना करते हुए कहा कि सामान्य नागरिकों ने असाधारण साहस दिखाकर खुद को सच्चा नायक साबित किया। उनके मुताबिक, साहस, दृढ़ संकल्प और सूझबूझ से इन लोगों ने एक विनाशकारी विमानन हादसे को टालने में मदद की। ऐसी घटना से पूरी दुनिया हिल सकती थी, लेकिन यात्रियों की तत्परता से 174 लोगों की जान बचाने में मदद मिली।

वैकल्पिक पायलटों और अन्य यात्रियों का भी जताया आभार
इस्राइली राष्ट्रपति ने विमान को संभालने वाले वैकल्पिक पायलटों और आपात स्थिति के दौरान मदद करने वाले अन्य यात्रियों के प्रति भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि संकट के समय सभी के सहयोग से बड़ी त्रासदी को टालना संभव हुआ।

हालांकि, हर्जोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रियों की बहादुरी और सूझबूझ घटना की पूरी जांच की जरूरत को खत्म नहीं करती। उन्होंने कहा कि इस घटना से जुड़े सभी सवालों के जवाब हासिल करना जरूरी है। नागरिकों के साहस और तत्परता के बावजूद जांच की जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता।

पीएम नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित की बहादुरी को सराहा
इस घटना के बाद इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अस्पताल में भर्ती भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बातचीत की थी। बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने उनकी बहादुरी और विपरीत परिस्थितियों में शांत रहने की क्षमता की प्रशंसा की।

नेतन्याहू ने कहा था कि कैप्टन मच्छार ने कई लोगों की जान बचाई और दुनिया में मानवता की भावना को मजबूत किया। उन्होंने भारतीय पायलट को भारत और इस्राइल के लोगों के साथ-साथ पूरी दुनिया का हीरो बताया।

नेतन्याहू ने इस्राइल आने का दिया न्योता
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार से स्वस्थ होने के बाद इस्राइल आने का आग्रह किया और कहा कि देश उनके साहस के लिए आभारी है। सूत्रों के मुताबिक, नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्राइल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया है। इस्राइल का स्वतंत्रता दिवस 14 मई को मनाया जाता है।

अबू धाबी के अस्पताल में चल रहा इलाज
कैप्टन मच्छार फिलहाल अबू धाबी के एक अस्पताल में अपनी चोटों से उबर रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उड़ान के कॉकपिट में सह-पायलट के कथित हमले के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। इसके बावजूद संकट की स्थिति में उनकी भूमिका विमान और उसमें सवार यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से अहम रही।

इस्राइल की ओर से राष्ट्रपति पुरस्कार देने की घोषणा को कैप्टन मच्छार के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की अंतरराष्ट्रीय पहचान के रूप में देखा जा रहा है। इस सम्मान के जरिए उस घटना में जोखिम उठाकर लोगों की जान बचाने में योगदान देने वालों के प्रयासों को भी मान्यता दी जाएगी। घटना में सह-पायलट की भूमिका और कथित अपहरण की कोशिश से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के नतीजे सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा।

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