ओडिशा में एंबुलेंस के अंदर ऑक्सीजन सिलेंडर फटा, मरीज की मौत, दो झुलसे, धमाके से छत उड़ी
भुवनेश्वर ले जाते समय हुआ हादसा
मृतक की पहचान 35 वर्षीय सुजोष बारिक के रूप में हुई है। वह मयूरभंज जिले के उदला थाना क्षेत्र के कुंडाबाई का रहने वाला था और गंभीर रक्त संक्रमण से पीड़ित था। उसकी हालत को देखते हुए परिजन उसे इलाज के लिए भुवनेश्वर के एक अस्पताल ले जा रहे थे।
इसके लिए एक निजी संचालक से एंबुलेंस किराये पर ली गई थी। इसी दौरान उदला अनुमंडल अस्पताल के बाहर ऑक्सीजन सिलेंडर में विस्फोट हो गया। एंबुलेंस के भीतर आग फैलने से मरीज गंभीर रूप से झुलस गया और उसकी मौत हो गई।
मरीज को बचाने की कोशिश में दो लोग झुलसे
उदला थाने के प्रभारी निरीक्षक बनमाली बारिक ने बताया कि सिलेंडर फटने से एंबुलेंस के अंदर आग लग गई थी। मरीज को बाहर निकालकर बचाने की कोशिश में दो अन्य लोग भी झुलस गए।
पुलिस के अनुसार, परिवार के सदस्यों ने जलती हुई एंबुलेंस से मरीज को बाहर निकाल लिया था, लेकिन वह बुरी तरह झुलस चुका था। कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो गई।
ऑक्सीजन सिलेंडर में कैसे हुआ विस्फोट?
पुलिस के मुताबिक, एंबुलेंस चालक ने मरीज को ऑक्सीजन देने के लिए सिलेंडर का वाल्व खोला था। इसी दौरान धमाका हुआ। शुरुआती आशंका है कि सिलेंडर से अचानक ऑक्सीजन गैस का रिसाव हुआ, जिसके बाद आग लग गई और सिलेंडर फट गया।
हालांकि, गैस रिसाव या आग लगने की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। केवल ऑक्सीजन का रिसाव अपने आप आग लगने का कारण नहीं होता; ऑक्सीजन खुद नहीं जलती, लेकिन आग को तेजी से भड़काने में मदद करती है। इसलिए किसी ज्वलनशील पदार्थ या अन्य संभावित कारण की भूमिका की जांच जरूरी है।
धमाके से एंबुलेंस की छत उड़ी
पुलिस ने बताया कि विस्फोट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि एंबुलेंस की छत उड़ गई। घटना के बाद दमकल कर्मियों को बुलाया गया, जिन्होंने आग पर काबू पाया।
पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ऑक्सीजन सिलेंडर में विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ और हादसे के लिए कोई तकनीकी खराबी या अन्य वजह जिम्मेदार थी या नहीं।
