इमरान खान की बहनों की हिरासत पर बेटे कासिम का गंभीर आरोप, परिवार और वकीलों को नहीं मिल रही जानकारी
कासिम खान के अनुसार, उनकी मौसियों की स्थिति को लेकर परिवार अनिश्चितता का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि न तो रिश्तेदारों को उनकी हालत के बारे में बताया जा रहा है और न ही कानूनी प्रतिनिधियों को उनसे मिलने की जानकारी या अनुमति मिल रही है। कासिम ने अपने बयान में इमरान खान की हिरासत पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि पाकिस्तान में हजारों लोग शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतरकर इमरान खान की रिहाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पिता को गैरकानूनी और राजनीतिक कारणों से जेल में रखा गया है। कासिम ने कहा कि लोगों की न्याय की मांग और लोकतांत्रिक अधिकारों को किसी भी प्रकार की रुकावट, धमकी या दबाव से नहीं दबाया जा सकता। उनके मुताबिक, जब तक लोगों की लोकतांत्रिक इच्छा का सम्मान नहीं होगा और उनका चुना हुआ नेता जेल में रहेगा, तब तक देश में स्थायी शांति और स्थिरता स्थापित करना मुश्किल होगा।
इमरान खान की तीनों बहनों को पिछले महीने 30 दिनों की निवारक हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई पीटीआई की ओर से 27 सितंबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और इस्लामाबाद तक मार्च की तैयारी के दौरान हुई। पार्टी इस प्रदर्शन के जरिए इमरान खान की सेहत के बारे में जानकारी देने और उन्हें अदियाला जेल से रिहा करने की मांग उठा रही थी। इमरान खान अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद हैं। पीटीआई ने अपने समर्थकों से देशभर में प्रदर्शन करने और संविधान की सर्वोच्चता के लिए एकजुट होने का आह्वान किया था। पार्टी की मांगों में इमरान खान की रिहाई भी प्रमुख रही है। हिरासत की कार्रवाई के बाद से उनकी बहनों की स्थिति और परिवार से संपर्क को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
इस मामले में परिवार की ओर से लाहौर हाई कोर्ट में पहले से लंबित याचिका के तहत दो अलग-अलग सिविल आवेदन भी दायर किए गए हैं। इन आवेदनों में अलीमा खान के बेटे शाह रेज खान और नोरीन नियाजी की बेटी सकीना नियाजी की ओर से तीनों महिलाओं से मुलाकात पर रोक और दवाइयों तक पहुंच नहीं दिए जाने को चुनौती दी गई है। परिवार का आरोप है कि हिरासत में रखी गई महिलाओं से न रिश्तेदारों को मिलने दिया जा रहा है और न ही उनके वकीलों को संपर्क करने की अनुमति मिल रही है। आवेदनों में कहा गया है कि महिलाओं को दवाइयां केवल एक बार उपलब्ध कराई गईं और इसके बाद किसी को उनसे मिलने नहीं दिया गया। परिवार ने उनकी सेहत को लेकर चिंता जताते हुए अदालत से अनुरोध किया है कि वकीलों और परिजनों को मुलाकात करने तथा जरूरी दवाइयां पहुंचाने की अनुमति दी जाए।
इससे पहले 24 सितंबर को लाहौर हाई कोर्ट ने इमरान खान की बहनों की निवारक हिरासत से संबंधित आदेश को तत्काल निलंबित करने की मांग खारिज कर दी थी। इसके बाद भी परिवार की ओर से मुलाकात और दवाइयों की उपलब्धता को लेकर कानूनी राहत मांगी गई है। कासिम खान का ताजा बयान ऐसे समय आया है, जब परिवार इमरान खान से संपर्क नहीं होने और उनकी बहनों की हिरासत को लेकर चिंता जता रहा है। फिलहाल परिवार की प्रमुख मांग तीनों महिलाओं की स्थिति की जानकारी, उनसे मुलाकात की अनुमति और जरूरी दवाइयों तक पहुंच सुनिश्चित कराने की है।
