March 18, 2026

रेलवे में बजट फ्रेंडली सफर, नॉन-एसी कोचों की संख्या बढ़ी, यात्रियों को 45% तक राहत

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नई दिल्ली नॉन-एससीआई जनरल और स्लीपर कोच के लिए भारतीय रेलवे यात्रियों की यात्रा में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। रेलवे मंत्रालय के अनुसार, इन कोचों में प्रति यात्री औसत से लगभग 45 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। इस कदम से आम जनता के लिए ट्रेन यात्रा और अधिक गतिशीलता बनी हुई है।

2024-25 में करीब 1,250 नए जनरल कोच जुड़े और 2025-26 में करीब 860 और कोच जुड़ने की योजना है। कुल कोच में अब करीब 70 फीसदी जनरल और स्लीपर क्लास के हैं। रेलवे हर साल यात्रियों को करीब 60,000 करोड़ रुपये की छूट देता है, जबकि उपनगरीय क्षेत्र की तरह मुंबई को 3,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त छूट मिलती है।

मालदीव में फास्ट ग्रोथ, रेलवे ने दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फ्रेट कैरियर बनाया

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि रेलवे की माल ढुलाई (फ्रेट) क्षमता में भी बढ़ोतरी हुई है। 2013-14 में फ्रेट की मात्रा 1,055 मिलियन टन थी, जो अब 1,650 मिलियन टन तक पहुंच गई है। यह वृद्धि से भारतीय रेलवे दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फ्रेट कैरियर बन गया है।

विद्युतीकरण के क्षेत्र में भी तेजी आई है। अब लगभग 47,000 किमी ट्रैक इलेक्ट्रिफाई का भुगतान किया जा चुका है, यानी नेटवर्क का 99 प्रतिशत से अधिक हिस्सा बिजली से संचालित हो रहा है। ट्रैक निर्माण में तेजी के साथ कुल ट्रैक की लंबाई पहले 15,000 किलोमीटर थी, जो अब 35,000 किलोमीटर हो गई है।

सुरक्षा और प्रौद्योगिकी में बड़ा सुधार

रेलवे ने सुरक्षा के दावे से भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। रोड ब्रिज (आरओबी) और रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) की संख्या 4,000 से 14,000 हो गई है। इसके अलावा, अब तक 1,500 किमी से लेकर अब तक 4,000 किमी से अधिक के संकेत संकेत मिल चुके हैं।

रेल मंत्री ने कहा कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अंतर्गत ट्रैक और ट्रेन के मेंटेनेंस, नई तकनीक का इस्तेमाल और कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एलएचबीआई कोच की संख्या भी तेजी से बढ़ी है, और हाल के वर्षों में करीब 48,000 कोच जुड़े हैं।

रोलिंग स्टॉक और फ्रेट गैलरी में हवेली

रेलवे में लोकोमोटिवा (इंजन) की संख्या अब करीब 12,000 और वैगन (माल टेक्सटाइल्स) की संख्या 2 लाख से अधिक हो गई है। सरकार ने नीति आयोग और वित्त मंत्रालय के साथ मिलकर मजबूत प्रणाली तैयार की है। डेडिकेटेड फ्रेट क्लास (DFC) प्रोजेक्ट में भी तेजी आई है। अब तक करीब 2,800 किमी 2,800 मालगा फ़्लोरिडा तैयार हो चुकी है, और हर रोज़ लगभग 480 मालगा फ़्लोरिडा इस रास्ते पर चल रही हैं।

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