सावधान आपका अगला SMS बन सकता है सबसे बड़ा जाल साइबर ठग मिनटों में कर रहे हैं बैंक खाते साफ
विशेषज्ञों के अनुसार ठग ऐसे संदेश भेजते हैं जो बिल्कुल असली बैंक सरकारी संस्था या किसी प्रतिष्ठित कंपनी की ओर से भेजे गए लगते हैं। इनमें केवाईसी अपडेट करने बैंक खाता बंद होने इनाम जीतने या किसी जरूरी भुगतान से जुड़ी जानकारी दी जाती है। जैसे ही व्यक्ति उस संदेश में दिए गए लिंक पर क्लिक करता है या मांगी गई जानकारी साझा करता है वैसे ही उसके बैंक खाते और व्यक्तिगत जानकारी तक साइबर अपराधियों की पहुंच बन जाती है। इसके बाद कुछ ही मिनटों में खाते से बड़ी रकम निकाल ली जाती है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि अब साइबर अपराधी पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी से वारदात को अंजाम दे रहे हैं। मोबाइल फ्रॉड के लिए लगने वाला औसत समय काफी कम हो गया है लेकिन एक ही वारदात में उड़ाई जाने वाली रकम पहले से लगभग दोगुनी हो गई है। इसका अर्थ यह है कि अपराधी अत्याधुनिक तकनीक सोशल इंजीनियरिंग और ऑटोमेटेड सिस्टम का उपयोग कर बहुत कम समय में लोगों को बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं।
साल 2025 के दौरान देशभर में साइबर ठगी से जुड़े 22496 करोड़ रुपये से अधिक के मामलों की शिकायतें दर्ज की गईं। हालांकि सतर्क निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के कारण करीब 9000 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन समय रहते रोक दिए गए लेकिन इसके बावजूद हजारों लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठे। जांच एजेंसियों ने देशभर के सैकड़ों बैंकों की शाखाओं में लाखों ऐसे बैंक खातों की पहचान भी की जिनका उपयोग ठगी की रकम छिपाने और आगे भेजने के लिए किया जा रहा था।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान SMS में दिए गए लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए। बैंक या सरकारी संस्था कभी भी संदेश के माध्यम से पासवर्ड ओटीपी पिन या बैंकिंग जानकारी नहीं मांगती। यदि कोई संदिग्ध संदेश प्राप्त हो तो पहले संबंधित बैंक या संस्था के आधिकारिक नंबर पर संपर्क कर उसकी पुष्टि करें। मोबाइल में सुरक्षा अपडेट समय पर इंस्टॉल करें और केवल आधिकारिक वेबसाइट या एप्लिकेशन का ही उपयोग करें।
डिजिटल युग में जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। थोड़ी सी सावधानी और सतर्कता अपनाकर न केवल अपनी मेहनत की कमाई बचाई जा सकती है बल्कि साइबर अपराधियों की साजिश को भी नाकाम किया जा सकता है।
