August 3, 2026

सावन में इन 5 छिपे हुए पावन शिव धामों में सुकून से होते हैं दर्शन… यहां नहीं मिलती लंबी कतारें…

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नई दिल्ली।
सावन (Sawan) का महीना आते ही देशभर के मशहूर शिव मंदिरों (Famous Shiva temples) में भक्तों का तांता लग जाता है. महाकाल, काशी विश्वनाथ और देवघर जैसे धामों में घंटों लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ता है. कई बार बुजुर्गों और बच्चों के लिए इतनी भारी भीड़ में दर्शन करना काफी मुश्किल हो जाता है।

अगर आप भी इस सावन में शांति से भगवान शिव (Lord Shiva) की पूजा करना चाहते हैं, तो देश में कई ऐसे पावन और खूबसूरत शिव मंदिर हैं जहां भारी भीड़ नहीं मिलती. इन जगहों पर आप परिवार के साथ सुकून से बैठकर भोलेनाथ का ध्यान लगा सकते हैं।


तुंगनाथ मंदिर, उत्तराखंड

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित तुंगनाथ मंदिर दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर माना जाता है. यह मंदिर पंच केदार में से एक है और हिमालय की गोद में बसा है. यहां पहुंचने के लिए चोपता से करीब चार किलोमीटर की पैदल चढ़ाई करनी पड़ती है।

शांत वादियों, ठंडी हवाओं और घने जंगलों के बीच यहां का माहौल बहुत आध्यात्मिक लगता है. यहां आने वाले भक्तों को शिव भक्ति के साथ साथ प्रकृति का एक अद्भुत नजारा भी देखने को मिलता है।


नीलकंठ महादेव मंदिर, ऋषिकेश

ऋषिकेश के पास मणिकूट पर्वत पर बसा नीलकंठ महादेव मंदिर एक बेहद पवित्र और शांत धाम है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन से निकले विष को पीने के बाद भगवान शिव ने इसी स्थान पर विश्राम किया था।

चारों ओर ऊंचे पहाड़ों और घने जंगलों से घिरे इस मंदिर में बहुत सुकून मिलता है. सावन के मुख्य दिनों को छोड़ दें, तो यहां आम दिनों में आप बहुत आराम से जल चढ़ा सकते हैं और दर्शन कर सकते हैं।


भूतनाथ मंदिर, हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर को छोटी काशी भी कहा जाता है. मंडी के बीचों बीच स्थित भूतनाथ मंदिर सदियों पुराना और ऐतिहासिक स्थल है. यह मंदिर अपनी अनूठी वास्तुकला और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है. यहां सावन के दौरान स्थानीय भक्त तो आते हैं, लेकिन बड़े ज्योतिर्लिंगों जैसी दम घोटने वाली भीड़ नहीं होती. यहां आप बिना किसी भागदौड़ के मंदिर प्रांगण में बैठकर भगवान शिव की आराधना कर सकते हैं।


कोटिलिंगेश्वर मंदिर, कर्नाटक

दक्षिण भारत के कर्नाटक में स्थित कोटिलिंगेश्वर मंदिर अपनी तरह का एक अनोखा और भव्य शिव धाम है. इस मंदिर परिसर में कोटि यानी करोड़ों की संख्या में छोटे बड़े शिवलिंग स्थापित हैं। इसके साथ ही यहां 108 फीट ऊंचा एक विशाल शिवलिंग भी बना हुआ है, जो देखते ही बनता है. इतने विशाल परिसर में फैला होने की वजह से यहां भीड़ महसूस नहीं होती और भक्त आराम से एक एक शिवलिंग के दर्शन कर सकते हैं।


यात्रा की योजना और जरूरी सुझाव

सावन के दौरान इन शांत शिव मंदिरों की यात्रा पर जाने से पहले थोड़ी तैयारी जरूर कर लें. पहाड़ी इलाकों में जाते समय मौसम का हाल पहले ही चेक कर लें और साथ में जरूरी दवाएं जरूर रखें। मंदिरों में दर्शन के समय स्थानीय नियमों और स्वच्छता का पूरा ध्यान रखें. सुबह सुबह या दोपहर की आरती के समय जाने से दर्शन आसानी से हो जाते हैं. इन पावन धामों में बिताया समय आपकी आत्मा को एक नई ऊर्जा और असीम शांति देगा।

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