September 13, 2026

सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट के संकेत, ईरान-अमेरिका तनाव का पड़ सकता है असर

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नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और महंगाई के आंकड़ों के बीच इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में हलचल जारी रहने की संभावना है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल कीमती धातुओं पर दबाव बना रह सकता है और इनमें गिरावट का रुख देखने को मिल सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में महंगाई से जुड़े आंकड़े वैश्विक ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की उम्मीदों को प्रभावित करेंगे, जिसका सीधा असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ सकता है।

ईरान-अमेरिका तनाव से वैश्विक बाजारों में चिंता
पश्चिम एशिया में एक बार फिर बढ़े तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। ईरान ने हाल में दावा किया था कि उसने एक ऐसे जहाज को निशाना बनाया जो उसकी अनुमति के बिना निर्धारित मार्ग से गुजर रहा था। इसके बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की घोषणा की।

इसके जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान पर हमले किए, जिसके बाद ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन में अमेरिका से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया। इस घटनाक्रम के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है।

जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च) प्रणव मेर के अनुसार, सोने और चांदी में फिलहाल गिरावट और करेक्शन का दौर जारी है। उन्होंने कहा कि अब बाजार की नजरें अमेरिका-ईरान तनाव की दिशा पर रहेंगी।

उनके मुताबिक, यदि भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों को मजबूती मिल सकती है।

पिछले सप्ताह सोने-चांदी के दाम में गिरावट
घरेलू बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव सप्ताह के दौरान 3,900 रुपये यानी 2.65 प्रतिशत गिरकर 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं, सितंबर अनुबंध वाली चांदी में 14,746 रुपये यानी 6.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और इसका भाव 2.22 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गया।

तेजी पर निवेशकों ने की मुनाफावसूली
एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने कहा कि सोने के लिए पिछला सप्ताह भी कमजोर रहा। मजबूत अमेरिकी डॉलर, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया, जिससे सोने में दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। उन्होंने कहा कि कीमतों में सुधार की कोशिशों के बावजूद तेजी टिक नहीं पाई और हर उछाल पर निवेशकों ने मुनाफावसूली की। त्रिवेदी के मुताबिक, भारतीय रुपये में मामूली कमजोरी से एमसीएक्स सोने को कुछ समर्थन जरूर मिला, लेकिन वैश्विक बाजार में कमजोर रुख ने इसके असर को सीमित कर दिया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी नरमी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में न्यूयॉर्क कॉमेक्स सोना वायदा 12 डॉलर यानी 0.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,113.7 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। वहीं, चांदी में 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 60.16 डॉलर प्रति औंस पर रही।

अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर
विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशक अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगे की मौद्रिक नीति को समझने के लिए कई अहम आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखेंगे। इनमें खुदरा बिक्री, आवास क्षेत्र के आंकड़े और साप्ताहिक बेरोजगारी दावे प्रमुख हैं। इन आंकड़ों से ब्याज दरों की दिशा को लेकर संकेत मिल सकते हैं, जिसका असर आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतों पर दिखाई देगा।

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