May 30, 2026

आरबीआई की समयसीमा से पहले मजबूत हुआ रुपया, डॉलर के मुकाबले दिखाई मजबूती!

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नई दिल्ली। शुक्रवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में रुपया करीब 10 पैसे चढ़कर 92.57 प्रति डॉलर पर पहुंच गया, जबकि पिछले सत्र में यह 92.66 पर बंद हुआ था। बाजार में यह मजबूती मुख्य रूप से Reserve Bank of India (RBI) की ओर से तय की गई समयसीमा के चलते देखने को मिली।

बैंकों की पोजीशन अनवाइंडिंग से मिला सपोर्ट

10 अप्रैल बैंकों के लिए ऑफशोर नॉन-डिलिवरेबल फॉरवर्ड (NDF) मार्केट में अपनी अतिरिक्त पोजीशन खत्म करने की आखिरी तारीख है। इसी कारण बैंकों ने अपनी आर्बिट्रेज पोजीशन कम करनी शुरू कर दी, जिससे रुपए को सपोर्ट मिला।

मार्च में RBI ने निर्देश दिया था कि बैंकों की रुपए में नेट ओपन पोजीशन हर दिन के अंत में 100 मिलियन डॉलर से अधिक नहीं होनी चाहिए। हालांकि बैंकों ने इस सीमा में ढील की मांग की थी, लेकिन केंद्रीय बैंक ने इसे सख्ती से लागू रखा।

बाजार में ‘वेट एंड वॉच’ का माहौल

विश्लेषकों का मानना है कि जब तक RBI की ओवरनाइट पोजीशन लिमिट को लेकर और स्पष्टता नहीं मिलती, तब तक बाजार सतर्क बना रहेगा। कुछ विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि डेडलाइन के बाद रुपए में बड़ी गिरावट की आशंका फिलहाल उतनी मजबूत नहीं है, जितनी बताई जा रही है।

कच्चे तेल की कीमतों पर भी नजर

इस बीच, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी निवेशकों के रडार पर है। ब्रेंट क्रूड करीब 97 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 99 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है।

घरेलू बाजार में Multi Commodity Exchange (MCX) पर कच्चे तेल के वायदा भाव ने इंट्रा-डे में 9,222 रुपये का स्तर छुआ, जो 3% से ज्यादा की बढ़त दर्शाता है। तेल की कीमतों में तेजी आमतौर पर रुपए पर दबाव डालती है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है।

RBI गवर्नर का बयान

इस हफ्ते की शुरुआत में RBI गवर्नर Sanjay Malhotra ने कहा था कि विदेशी मुद्रा बाजार में लगाए गए कुछ प्रतिबंध अस्थायी हैं। इनका उद्देश्य बाजार में बढ़ती अस्थिरता को नियंत्रित करना है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल के समय में विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा है, जिसका एक कारण बैंकों द्वारा किए गए आर्बिट्रेज ट्रेड्स भी रहे हैं।

आगे क्या संकेत?

रुपए की चाल आगे RBI की नीतियों, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक हालात पर निर्भर करेगी। फिलहाल डेडलाइन से पहले रुपया मजबूत जरूर हुआ है, लेकिन आगे की दिशा को लेकर बाजार सतर्क बना हुआ है। RBI की डेडलाइन से पहले बैंकों की पोजीशन अनवाइंडिंग के चलते रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ, हालांकि आगे बाजार की दिशा अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।

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