September 13, 2026

SC का प्रस्ताव- वाहन का बीमा नहीं तो तेल नहीं…, पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने की तैयारी

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नई दिल्ली
। देश में बिना बीमा (Uninsured) के सड़कों पर फर्राटे भर रहे वाहनों (Vehicles) पर लगाम लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने प्रस्ताव दिया है. इसमें ‘वाहन का बीमा नहीं तो तेल नहीं’ अभियान (‘No vehicle insurance, no fuel’ campaign ) को पायलट प्रोजेक्ट (Pilot project) के रूप में लागू करने का प्रपोजल दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण यानी IRDAI और सड़क परिवहन मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वे एक ऐसा पायलट प्रोजेक्ट तैयार करें जिसके तहत पेट्रोल पंपों पर ईंधन देने से पहले वाहन के वैध इंश्योरेंस की जांच की जा सके और बीमा न होने पर तेल देने से मना किया जा सके।

सुप्रीम कोर्ट ने सड़क सुरक्षा और बीमा नियमों को सख्त करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है. कोर्ट ने सड़क परिवहन मंत्रालय और IRDAI को पेट्रोल पंपों पर ईंधन, ANPR कैमरे, और नई गाड़ियों के बीमा को लेकर बड़े आदेश दिए हैं.कोर्ट ने सड़क परिवहन मंत्रालय और IRDAI को एक ऐसा पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने को कहा है, जिसके तहत पेट्रोल पंपों पर वैध वाहन बीमा न होने पर गाड़ियों को ईंधन यानी पेट्रोल डीजल देने पर रोक लगाई जा सके।

हाईवे और सड़कों पर लगे ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों को ‘वाहन VAHAN’ पोर्टल और बीमा डेटाबेस से जोड़ा जाएगा. इससे बिना बीमा वाली गाड़ियों के अपने आप ई-चालान कट सकेंगे.नई गाड़ियों के लिए बीमा अवधि बढ़ाते हुए कोर्ट ने नई प्राइवेट कारों के लिए अनिवार्य थर्ड-पार्टी बीमा अवधि 3 साल से बढ़ाकर 4 साल कर दी।

जबकि नए दोपहिया वाहनों के लिए इसे 5 साल से बढ़ाकर 6 साल कर दिया गया है.पुलिस के लिए मोबाइल ऐप भी होगा. सड़क पर चेकिंग के लिए ट्रैफिक पुलिस को ऐसे मोबाइल ऐप या हैंडहेल्ड डिवाइस दिए जाएंगे, जिससे वे पलभर में गाड़ी के बीमा की जांच कर सकें।

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