July 13, 2026

रियल एस्टेट सेक्टर पर निवेशकों का भरोसा मजबूत, 33 फीसदी बढ़ा प्राइवेट इक्विटी निवेश, विदेशी पूंजी ने बढ़ाई रफ्तार

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नई दिल्ली । भारतीय रियल एस्टेट बाजार लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और वर्ष 2026 की पहली छमाही ने इस क्षेत्र के लिए बेहद उत्साहजनक तस्वीर पेश की है। जनवरी से जून के बीच देश के रियल एस्टेट सेक्टर में 3.2 अरब डॉलर का निजी इक्विटी निवेश दर्ज किया गया है जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 33 प्रतिशत अधिक है। यह बढ़ोतरी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि घरेलू और विदेशी दोनों निवेशकों का भरोसा भारतीय रियल एस्टेट बाजार पर लगातार मजबूत हो रहा है और आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं और अधिक बढ़ सकती हैं।

ग्लोबल रियल एस्टेट कंसल्टिंग फर्म सैविल्स इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार केवल दूसरी तिमाही यानी अप्रैल से जून के दौरान ही करीब 2 अरब डॉलर का निवेश हुआ। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 25 प्रतिशत अधिक है। रिपोर्ट बताती है कि निवेशकों की प्राथमिकताएं अब तेजी से बदल रही हैं और पारंपरिक ऑफिस परिसंपत्तियों के साथ-साथ डेटा सेंटर जैसे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी उनका भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

दूसरी तिमाही के दौरान कुल निवेश में डेटा सेंटर का हिस्सा सबसे अधिक 38 प्रतिशत रहा। इसके बाद ऑफिस सेक्टर ने 30 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरा स्थान हासिल किया जबकि रेजिडेंशियल सेक्टर 16 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर रहा। हालांकि यदि पूरे जनवरी से जून की अवधि की बात करें तो ऑफिस सेक्टर अब भी सबसे आगे बना हुआ है और कुल निजी इक्विटी निवेश में इसकी हिस्सेदारी 34 प्रतिशत रही। इससे साफ है कि कॉरपोरेट गतिविधियों के विस्तार और आधुनिक कार्यस्थलों की बढ़ती मांग के कारण ऑफिस स्पेस निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है।

रिपोर्ट के मुताबिक निवेश केवल पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा बल्कि हॉस्पिटैलिटी हेल्थकेयर और स्टूडेंट हाउसिंग या को लिविंग जैसे वैकल्पिक रियल एस्टेट सेगमेंट में भी पूंजी का प्रवाह बढ़ा है। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में 8 प्रतिशत और स्टूडेंट हाउसिंग तथा को लिविंग में 3 प्रतिशत निवेश दर्ज किया गया। इससे यह संकेत मिलता है कि निवेशक अब तेजी से उभरते नए क्षेत्रों में भी अवसर तलाश रहे हैं।

निवेश के स्रोतों पर नजर डालें तो इस अवधि में कुल निजी इक्विटी निवेश का 51 प्रतिशत हिस्सा घरेलू निवेशकों से आया जबकि 49 प्रतिशत निवेश विदेशी निवेशकों ने किया। घरेलू निवेश का बड़ा हिस्सा ऑफिस सेक्टर में लगाया गया और इसका लगभग 68 प्रतिशत निवेश देश के प्रमुख टियर वन शहरों में केंद्रित रहा। दूसरी ओर विदेशी निवेशकों की पूंजी का 69 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका और कनाडा से आया जिसने मुख्य रूप से डेटा सेंटर और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को प्राथमिकता दी।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था मजबूत शहरीकरण बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थिर आर्थिक माहौल निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में बढ़ता निवेश इस बात का संकेत है कि डिजिटल सेवाओं और क्लाउड टेक्नोलॉजी की मांग भविष्य में और तेजी से बढ़ने वाली है।

सैविल्स इंडिया के कैपिटल मार्केट सर्विसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमीत भाटिया का कहना है कि पहली छमाही के निवेश आंकड़े भारतीय रियल एस्टेट बाजार में निवेशकों के मजबूत विश्वास को दर्शाते हैं। उनका मानना है कि हॉस्पिटैलिटी हेल्थकेयर स्टूडेंट हाउसिंग और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में लगातार बढ़ता निवेश यह साबित करता है कि निवेशक अब भारत की डिजिटल और वैकल्पिक रियल एस्टेट ग्रोथ स्टोरी पर लंबी अवधि का दांव लगा रहे हैं। कंपनी को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में भी निवेश का यह सकारात्मक रुझान जारी रहेगा और भारतीय रियल एस्टेट बाजार वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहेगा।

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