शिवराज सिंह चौहान का तीखा हमला: ममता बनर्जी पर निशाना, कहा– ‘प्रधानमंत्री’ शब्द से रोकी केंद्र की योजनाएं, हम बदलेंगे किसानों का भाग्य
नाम की राजनीति: ‘प्रधानमंत्री’ शब्द पर आपत्ति
शिवराज सिंह ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री कृषि धन धान्य योजना और अन्य महत्वपूर्ण केंद्र योजनाएं केवल इसलिए लागू नहीं की गईं क्योंकि इनके नाम में ‘प्रधानमंत्री’ जुड़ा हुआ है। उन्होंने इसे किसानों के साथ “खुला अन्याय और पाप” करार दिया। उनका कहना था कि यह नीतियों को रोककर आम जनता और किसानों के हक पर हमला है।
वोट बैंक बनाम किसानों की भलाई
केंद्रीय मंत्री ने सदन में यह भी कहा कि टीएमसी सरकार को मिट्टी की उर्वरता, किसानों की आय और जनता के स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने बंगाल में प्राकृतिक खेती मिशन के ठंडे बस्ते में डालने को इसका प्रमाण बताया। शिवराज ने कहा कि ममता सरकार केवल अपने वोट बैंक को साधने में लगी है और किसानों के हित की परवाह नहीं करती।
चीन को पीछे छोड़ भारत का रिकॉर्ड
शिवराज सिंह चौहान ने गर्व से बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने चावल उत्पादन में चीन को पछाड़ दिया है। देश का खाद्यान्न उत्पादन 357 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “एक समय था जब हम अनाज मांगते थे, आज हमारी फसलें इतनी हैं कि भंडार भर गए हैं। यह भाजपा सरकार की कृषि नीतियों की सफलता है।”
शिवराज का यह बयान राज्य में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक टकराव को और तेज कर सकता है। विपक्ष ने केंद्र की योजनाओं को रोकने का आरोप ममता बनर्जी पर लगाया है, जबकि भाजपा इसे किसानों की भलाई और विकास की सफलता के रूप में प्रस्तुत कर रही है।
