ईद के दिन हाफिज सईद के करीबी और फाइनेंसर अब्दु रहमान की कराची में गोली मारकर हत्या, कौन कर रहा सफाया?

नई दिल्ली, कारी अब्दुल रहमान कराची में हाफिज सईद के लिए फंड की उगाही करता था और फिर उसे लश्कर चीफ तक पहुंचाता था. इस हमले में उसका पिता भी घायल हुआ है.
ईद के दिन हाफिज सईद के करीबी अब्दुल रहमान का काम तमाम! कराची में मारा गया मोस्ट वांटेड का फाइनेंसर
हाफिज सईद के करीबी अब्दुल रहमान की हत्या
पाकिस्तान में एक के बाद एक कई आतंकियों को सफाया हो चुका है. अब कराची में हाफिज सईद के एक और करीबी की हत्या कर दी गई. अज्ञात बंदूकधारियों ने लश्कर-ए-तैयबा के लिए फंड जुटाने वाले अब्दुल रहमान पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें उसकी जान चली गई.
बताया जा रहा है कि अब्दुल रहमान अहल-ए-सुन्नत वाल जमात का स्थानीय नेता था. वो कराची में लश्कर के लिए फंड की उगाही करता था. उसके एजेंट पूरे इलाके से फंड लाकर उसके पास जमा करते थे, जिसके बाद वो हाफिज सईद तक फंड पहुंचाता था.
आतंकवाद से त्रस्त है पाकिस्तान
हाफिज सईद के करीबी पर ये हमला उस समय हुआ, जब वो अपने पिता और अन्य लोगों के साथ था. इस हमले में उसके पिता समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिसमें अब्दुल रहमान की मौके पर ही मौत हो गई. पाकिस्तान बीते कुछ सालों से आतंकवाद से त्रस्त है. एक ओर बलूचिस्तान में बीएलए और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तानी सेना को निशाना बना रहे है. वहीं दूसरी ओर एक-एक करके आतंकवादी मारे जा रहे हैं. जिस व्यक्ति ने हाफिज सईद के करीबी को निशाना बनाया, उसे न तो किसी ने देखा और ना ही कोई पहचानता है.
क्वेटा में हाल में हुई थी मुफ्ती की हत्या
हाल ही में क्वेटा में अज्ञात हमलावरों ने जमीयत-उलेमा-ए-इस्लाम के मुफ्ती अब्दुल बाकी नूरजई की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. नूरजई को क्वेटा एयरपोर्ट के पास गोली मारी गई थी, जिसमें वो बुरी तरह घायल हो गए और अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.
लश्कर का कमांड भी हुआ था ढेर
अब्दुल रहमान से पहले लश्कर-ए-तैयबा के एक शीर्ष कमांडर जिया-उर-रहमान उर्फ नदीम उर्फ कतल सिंधी की पंजाब प्रांत के झेलम इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. नदीम को लश्कर संस्थापक हाफिज सईद का भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था. वह जम्मू-कश्मीर के पूंछ-राजौरी क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल था. उसने 2000 की शुरुआत में जम्मू क्षेत्र में घुसपैठ की थी और 2005 में वो वापस पाकिस्तान चला गया था.