दक्षिण लेबनान में इजरायली हमले में 3 पत्रकार मारे गए, लेबनान राष्ट्रपति ने बताया जघन्य अपराध
शोएब और फतौनी सहित तीन पत्रकार शहीद
हिजबुल्लाह के अल-मनार टीवी के वरिष्ठ संवाददाता अली शोएब दक्षिण लेबनान में लगभग तीन दशकों से रिपोर्टिंग कर रहे थे। इजरायली सेना ने आरोप लगाया कि शोएब हिजबुल्लाह के खुफिया ऑपरेटिव थे और इजराइली सैनिकों की लोकेशन उजागर कर रहे थे, हालांकि इस दावे के कोई सबूत पेश नहीं किए गए। अल-मनार टीवी ने अपने पत्रकार को पेशेवर और विश्वसनीय बताया।
बेरूत स्थित अल-मयादीन टीवी की रिपोर्टर फातिमा फतौनी और उनके भाई मोहम्मद, जो वीडियो जर्नलिस्ट थे, जेजीन जिले में इसी हमले में मारे गए। हमले से ठीक पहले फातिमा लाइव रिपोर्ट दे रही थीं।
लेबनान में आक्रोश और प्रतिक्रिया
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने इस हमले की कड़ी निंदा की और इसे “एक जघन्य अपराध” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह पत्रकारों की सुरक्षा के लिए बने सभी कानूनों और समझौतों का स्पष्ट उल्लंघन है।
पहले भी हमले हो चुके हैं
यह हमला पहली बार नहीं है। कुछ दिन पहले मध्य बेरूत में अल-मनार टीवी के प्रमुख मोहम्मद शेरी और उनकी पत्नी की हत्या हो चुकी है। इजरायल पहले भी अल-मनार टीवी के मुख्यालय और हिजबुल्लाह के अल-नूर रेडियो स्टेशन पर हमले कर चुका है। इस साल अब तक लेबनान में पांच पत्रकार और मीडियाकर्मी मारे जा चुके हैं।
युद्ध में नुकसान बढ़ता जा रहा है
बेरूत के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 47 लोग मारे गए और 112 घायल हुए। 2 मार्च से अब तक कुल 1,189 लोग मारे जा चुके हैं। शनिवार को हुए हमलों में 9 पैरामेडिक्स भी मारे गए, जिससे स्वास्थ्यकर्मियों की कुल मौतें 51 हो गई हैं। वहीं, इजरायली सेना के 9 जवान दक्षिण लेबनान में दो हमलों में घायल हुए।
इजरायली सेना के अनुसार, हिजबुल्लाह ने पिछले 24 घंटों में लगभग 250 हमले किए, जिनमें अधिकतर दक्षिण लेबनान में इजरायली सैनिकों को निशाना बनाने के लिए थे, और केवल 23 हमले इजरायल की सीमा के अंदर गिरे।
