October 9, 2026

आइवरी कोस्ट के राष्ट्रपति से मिले विदेश मंत्री जयशंकर, रक्षा और कृषि में सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा

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अबिदजान।
विदेश मंत्री एस जयशंकर (External Affairs Minister S. Jaishankar) ने कहा कि भारत (India) और आइवरी कोस्ट (Ivory Coast) की साझेदारी आपसी सम्मान पर आधारित है। दोनों देशों की विकास और समृद्धि के लिए साझा प्रतिबद्धता है। जयशंकर ने पश्चिम अफ्रीकी देश की अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति अलासाने औटारा (President Alassane Ouattara) से मुलाकात की। वह तीन अफ्रीकी देशों की यात्रा पर हैं। इसमें घाना, आइवरी कोस्ट और इथियोपिया शामिल हैं।

जयशंकर बुधवार को घाना से आइवरी कोस्ट पहुंचे थे। यह उनकी तीन देशों की यात्रा का दूसरा पड़ाव है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, आइवरी कोसट के राष्ट्रपति अलासाने औटारा से मुलाकात कर सम्मानित महसूस किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत शुभकामनाएं उन्हें दीं।

विदेश मंत्री ने कहा, भारत-आइवरी कोस्ट साझेदारी आपसी सम्मान और विकास तथा समृद्धि के लिए साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है। उन्होंने राष्ट्रपति औटारा को ‘मजबूत, लंबे समय तक चलने वाली और दोनों के लिए फायदेमंद साझेदारी के अपने दृष्टिकोण को साझा करने’ के लिए धन्यवाद दिया।


रक्षा सहयोग पर क्या हुई बात?

बुधवार को जयशंकर ने अबिदजान में आइवरी कोस्ट के उप प्रधानमंत्री तेने बिराहिमा औटारा से भी मुलाकात की। दोनों ने दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग पर चर्चा की। बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया पर लिखा, हमने आपसी भरोसे, क्षमता निर्माण और साझा हितों पर आधारित अपने बढ़ते रक्षा सहयोग पर बात की।

उन्होंने कहा, हमने रक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग को और बढ़ाने के अवसरों पर विचार साझा किए। इसमें प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और संस्थागत स्तर पर बढ़े हुए आदान-प्रदान के जरिए सहयोग शामिल है।

औटारा आइवरी कोस्ट के रक्षा मंत्री भी हैं। उन्होंने कहा कि जयशंकर के साथ बातचीत आइवरी कोस्ट और भारत के बीच सहयोग मजबूत करने पर केंद्रित रही। औटारा ने सोशल मीडिया पर लिखा, यह बैठक शांति, सुरक्षा और विकास के लिए रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दोहराती है।


व्यापार और स्वास्थ्य पर भी चर्चा

जयशंकर ने आइवरी कोस्ट की विदेश मामलों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की राज्य मंत्री नियाले काबा से भी बातचीत की। इसमें दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई। इसमें व्यापार, बुनियादी ढांचा, कृषि और स्वास्थ्य सेवा पर खास ध्यान रहा। जयशंकर ने कहा कि काबा के साथ भारत-आइवरी कोस्ट साझेदारी को आगे बढ़ाने पर ‘व्यापक चर्चा’ हुई। इसमें व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचा, कृषि, स्वास्थ्य सेवा और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध शामिल हैं।

उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया पर कहा, मैंने इस बात पर जोर दिया कि लोगों को केंद्र में रखकर होने वाला हमारा सहयोग कोट द’आइवोर की प्राथमिकताओं के अनुसार आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने बहुपक्षीय मंचों पर अपने सहयोग को और गहरा करने पर भी चर्चा की।


अफ्रीका में क्षमता निर्माण पर जोर

जयशंकर ने बुधवार को आइवरी कोस्ट में भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग यानी आईटीईसी के पूर्व छात्रों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि भारत की विकास साझेदारी हमेशा से अफ्रीका के साथ उसके संबंधों का अहम हिस्सा रही है। उन्होंने कहा कि भारत का सहयोग उसके अफ्रीकी साझेदारों की जरूरतों और प्राथमिकताओं के अनुसार होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग यानी आईटीईसी कार्यक्रम 1964 में शुरू हुआ था। यह दूसरे देशों के साथ क्षमता निर्माण और सहयोग के लिए भारत के सबसे महत्वपूर्ण मंचों में से एक बन गया है। जयशंकर ने आइवरी कोस्ट में भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत की।

उनकी यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत अफ्रीकी देशों के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत करना चाहता है। भारत वैश्विक दक्षिण के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है। साथ ही व्यापार और निवेश से लेकर क्षमता निर्माण, रक्षा और स्वास्थ्य सेवा तक कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

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