एनर्जी ड्रिंक से मिलती है फुर्ती या बढ़ता है खतरा, रोज पीने से पहले जान लें शरीर पर होने वाले असर और जरूरी सावधानियां
एनर्जी ड्रिंक में मौजूद कैफीन दिमाग और नर्वस सिस्टम को उत्तेजित करता है। इससे नींद कम महसूस हो सकती है और व्यक्ति कुछ समय के लिए ज्यादा एक्टिव नजर आ सकता है। इसी कारण लंबे समय तक काम करने या रात में पढ़ाई करने वाले लोग इनका सेवन करते हैं। हालांकि ज्यादा कैफीन लेने से बेचैनी घबराहट दिल की धड़कन तेज होना और नींद में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कैफीन का असर हर व्यक्ति पर अलग हो सकता है इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति को जितनी मात्रा आसानी से सहन हो जाती है जरूरी नहीं कि उतनी मात्रा सभी के लिए सुरक्षित हो।
एनर्जी ड्रिंक में चीनी की मात्रा भी कई बार काफी अधिक हो सकती है। नियमित रूप से ज्यादा चीनी वाले पेय पदार्थों का सेवन वजन बढ़ने और दांतों से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है। यदि कोई व्यक्ति पहले से ही अधिक मीठे खाद्य पदार्थ और पेय ले रहा है तो एनर्जी ड्रिंक उसके कुल चीनी सेवन को और बढ़ा सकता है। इसलिए केवल पेय के नाम में एनर्जी शब्द देखकर इसे स्वास्थ्यवर्धक समझना सही नहीं है।
खास सावधानी बच्चों और किशोरों को लेकर बरतनी चाहिए। कम उम्र में कैफीन का अधिक सेवन नींद और व्यवहार से जुड़ी परेशानियां पैदा कर सकता है। गर्भवती महिलाओं और कैफीन के प्रति संवेदनशील लोगों को भी ऐसे पेय पदार्थों का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर माना जाता है। इसी तरह जिन लोगों को दिल से जुड़ी समस्या है या जो किसी विशेष बीमारी की दवा ले रहे हैं उन्हें बिना चिकित्सकीय सलाह के अधिक कैफीन वाले पेय से बचना चाहिए।
एनर्जी ड्रिंक और शराब को मिलाकर पीना भी जोखिम बढ़ा सकता है। कैफीन व्यक्ति को कुछ समय के लिए कम नशे में महसूस करा सकता है जबकि शराब का असर शरीर पर बना रहता है। इससे व्यक्ति अपनी वास्तविक स्थिति को कम आंक सकता है और जोखिम भरे फैसले ले सकता है। इसलिए दोनों को मिलाकर सेवन करना उचित नहीं माना जाता।
अगर थकान दूर करनी है तो पर्याप्त नींद संतुलित भोजन पानी और नियमित शारीरिक गतिविधि ज्यादा बेहतर आधार हैं। एनर्जी ड्रिंक को रोजाना की आदत बनाने के बजाय कभी कभार भी सेवन करना हो तो लेबल पर कैफीन और चीनी की मात्रा जरूर देखनी चाहिए। किसी भी पेय को लेकर सबसे जरूरी बात उसकी मात्रा और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति है। यदि एनर्जी ड्रिंक लेने के बाद लगातार दिल की धड़कन तेज होना चक्कर घबराहट या अन्य असामान्य लक्षण महसूस हों तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
