मध्य प्रदेश में बिश्नोई गैंग के नेटवर्क का खुलासा, अशोकनगर से कई शहरों तक फैली साजिश
आईपीएस राहुल लोढ़ा को सौंपी गई जिम्मेदारी
इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच के लिए आईपीएस अधिकारी राहुल कुमार लोढ़ा को एसआईटी का प्रमुख बनाया गया है। उनके नेतृत्व में 4 पुलिस अधीक्षक (एसपी) और 4 डीएसपी स्तर के अधिकारियों की टीम गठित की गई है। टीम का उद्देश्य अंतरराज्यीय संगठित अपराध नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचकर उसे खत्म करना है।
अशोकनगर से हुई थी शुरुआत
मामले की शुरुआत 12 फरवरी को अशोकनगर में हुई थी, जब व्यापारी अंकित अग्रवाल से ‘हैरी बॉक्सर’ नाम से व्हाट्सएप और वीडियो कॉल के जरिए 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
गिरफ्तारी के बाद चौंकाने वाले खुलासे
जांच के दौरान पुलिस ने जयपुर के 19 वर्षीय आरोपी मनीष जांगिड़ को गिरफ्तार किया। उसके पास से शहर के अहम स्थानों की रेकी के वीडियो बरामद हुए, जिन्हें विदेश भेजा जा रहा था। आरोपी के कब्जे से 6 पेट्रोल बम, मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई, जिससे किसी बड़ी साजिश की आशंका जताई जा रही है।
कई शहरों तक फैला गिरोह
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क सिर्फ अशोकनगर तक सीमित नहीं है, बल्कि इंदौर, भोपाल और खरगोन जैसे शहरों में भी इसके तार जुड़े हैं। इन सभी मामलों को अब एसआईटी को सौंप दिया गया है ताकि एकीकृत तरीके से जांच की जा सके।
दर्ज मामले (अपराध क्रमांक और धाराएं)
इंदौर (किशनगंज): 112/2026, 308(5), 351(4)
इंदौर (तुकोगंज): 155/2026, 308(5), 351(4)
भोपाल (कोलार रोड): 183/2026, 351(4)
खरगोन (कसरावद): 94/2026, 308(4), 351(3)
इंदौर क्राइम ब्रांच: 22/2026, 308(5), 351(4)
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एसआईटी इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना है।
