राजबाड़ा में टला बड़ा हादसा, प्लास्टर और लोहे का स्ट्रक्चर गिरने के बाद नगर निगम ने हटाए कमजोर छज्जे
बताया गया कि पिछले दिनों डोल ग्यारस के अवसर पर इस बिल्डिंग के छज्जे से प्लास्टर गिरने की घटना सामने आई थी। घटना के बाद नगर निगम ने एहतियात के तौर पर मौके पर बैरिकेडिंग करवा दी थी। इसके बाद भी बिल्डिंग के बाहरी हिस्से को लेकर खतरा बना हुआ था। दो दिन पहले भी इसी स्थान पर लोहे का एक स्ट्रक्चर गिरने की घटना सामने आई थी। राहत की बात यह रही कि दोनों घटनाओं में किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई और बड़ा हादसा टल गया।
बिल्डिंग के बाहर निकले छज्जे लंबे समय से बारिश और समय के असर के कारण कमजोर हो गए थे। छज्जों से प्लास्टर गिरने की शिकायत और जानकारी समय समय पर नगर निगम के सामने आती रही थी। स्थिति को देखते हुए नगर निगम ने बैंक प्रबंधन को नोटिस जारी कर जर्जर छज्जों को हटाने के निर्देश दिए थे। इसके लिए प्रबंधन को निर्धारित समय सीमा भी दी गई थी लेकिन तय अवधि में छज्जों को हटाने का काम पूरा नहीं हो सका।
समय सीमा में काम पूरा नहीं होने के बाद नगर निगम ने खुद कार्रवाई करने का फैसला लिया। जोन 12 के बिल्डिंग ऑफिसर राहुल रघुवंशी के मुताबिक बैंक की बिल्डिंग की पहली और दूसरी मंजिल पर बाहर की तरफ निकले छज्जे बारिश और लंबे समय के कारण जर्जर हो गए थे। इन छज्जों का प्लास्टर भी कई बार गिर चुका था। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर छज्जों को हटाने की कार्रवाई की।
अधिकारी के मुताबिक बिल्डिंग काफी पुरानी है लेकिन इसका मुख्य ढांचा अभी भी मेंटेन है। समस्या मुख्य रूप से बाहर की ओर निकले छज्जों में थी जो समय के साथ खराब हो गए थे। इसी वजह से बैंक प्रबंधन को पहले ही नोटिस देकर छज्जों को हटाने के लिए कहा गया था। जब निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई तो नगर निगम ने अपने स्तर पर जर्जर हिस्सों को हटाया।
राजबाड़ा क्षेत्र इंदौर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल है और यहां दिनभर बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में किसी जर्जर हिस्से के अचानक गिरने से गंभीर हादसा हो सकता था। नगर निगम की इस कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे संभावित खतरे को समय रहते खत्म करना है। कार्रवाई के दौरान सड़क पर आवाजाही रोककर क्षेत्र को सुरक्षित किया गया ताकि मशीन से छज्जे हटाने के दौरान किसी राहगीर या वाहन को नुकसान न पहुंचे।
