September 13, 2026

स्थानीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी, जनता से सुझाव लेने के लिए जल्द शुरू होगा पोर्टल

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उज्जैन। मध्यप्रदेश के पंचायत और नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। छठे मध्यप्रदेश वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने बताया कि जल्द ही एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाएगा, जिसके माध्यम से आम नागरिक भी स्थानीय निकायों के विकास और वित्तीय मजबूती के लिए अपने सुझाव दे सकेंगे। फिलहाल आयोग संभाग स्तर पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सुझाव जुटा रहा है।

उज्जैन प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए पवैया ने बताया कि आयोग अब तक छह संभागों का दौरा कर चुका है। पहले चरण में सांसदों, विधायकों, नगरीय निकायों और पंचायतों के प्रतिनिधियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों से सुझाव लिए जा रहे हैं। सभी नौ संभागों से प्राप्त सुझावों के आधार पर आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसे राज्यपाल को सौंपा जाएगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार स्थानीय निकायों को वित्तीय आवंटन करेगी।

उन्होंने बताया कि अब तक कई उपयोगी सुझाव मिले हैं। इनमें प्रत्येक पंचायत और नगरीय निकाय में सोलर एनर्जी प्लांट स्थापित करने का सुझाव विशेष रूप से प्रभावी माना गया है। उनका कहना है कि वर्तमान में स्थानीय निकायों की बड़ी राशि स्ट्रीट लाइट और नल-जल योजनाओं के बिजली बिल पर खर्च होती है। यदि निकाय स्वयं बिजली उत्पादन करें तो न केवल उनका खर्च कम होगा, बल्कि अतिरिक्त बिजली बेचकर आय भी अर्जित कर सकेंगे। उन्होंने इंदौर नगर निगम का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सोलर ऊर्जा और कचरे से बायोगैस बनाकर आय बढ़ाने की दिशा में सफल प्रयास किए जा रहे हैं।

केंद्रीय वित्त आयोग की अनुदान राशि में कटौती के सवाल पर पवैया ने स्पष्ट किया कि फंड में कमी नहीं की गई है। बल्कि पहले की तुलना में अधिक राशि उपलब्ध कराई जा रही है। हालांकि अब अनुदान प्राप्त करने के लिए निकायों के कार्यों की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट अनिवार्य कर दी गई है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सुझाव लेने के बाद पंचायत और जनपद स्तर पर भी संवाद किया जाएगा। इसके बाद आम नागरिकों के सुझाव प्राप्त करने के लिए पोर्टल शुरू किया जाएगा। साथ ही आर्थिक विशेषज्ञों से भी परामर्श लिया जाएगा, ताकि स्थानीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने और विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने वाली प्रभावी सिफारिशें तैयार की जा सकें।

बैठक के दौरान कई अन्य सुझाव भी सामने आए। नागदा-खाचरौद विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान ने ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के दौरान आवश्यक कच्चे कार्यों, जैसे मुरम और चूरी डालने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा। वहीं कांग्रेस विधायक दिनेश जैन बोस और महेश परमार ने भी आयोग के समक्ष अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

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