September 13, 2026

ट्विशा शर्मा डेथ केस में बड़ा मोड़: जिस कोर्ट से मिली थी गिरिबाला सिंह को बेल वहीं चलेगा मां-बेटे पर मुकदमा

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भोपाल । भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब मुकदमे की अगली प्रक्रिया उसी विशेष अदालत में आगे बढ़ेगी जहां से पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को इस मामले में शुरुआत में अग्रिम जमानत मिली थी। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मामले को विशेष न्यायाधीश ओडब्ल्यू पल्लवी द्विवेदी की अदालत में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद अब रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे तथा ट्विशा के पति समर्थ सिंह के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर इसी अदालत में आगे की सुनवाई होगी।

मामले में अधिवक्ता अंकुर पांडे के अनुसार विशेष अदालत ने ही पहले गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दी थी। हालांकि बाद में जबलपुर हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया था। इसके बाद सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए गिरिबाला सिंह को हिरासत में लिया था। वह तब से जेल में हैं। अब मामले को उसी विशेष अदालत में भेजे जाने के बाद मुकदमे की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।

ट्विशा शर्मा मौत मामला लंबे समय से चर्चा में रहा है और इसकी जांच सीबीआई कर रही है। जांच पूरी करने के बाद सीबीआई ने 17 अगस्त को भोपाल की अदालत में गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब अदालत के सामने अगला अहम चरण आरोप तय करने का है। उच्चतम न्यायालय के दिशा निर्देशों के अनुसार चार्जशीट दाखिल होने के बाद निचली अदालतों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आरोपियों पर आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का प्रयास करना होता है। ऐसे में इस मामले में भी सुनवाई की दिशा अब तेजी से आगे बढ़ सकती है।

मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। सीबीआई की ओर से दाखिल चार्जशीट में एम्स दिल्ली की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार ट्विशा के शरीर पर किसी तरह की गंभीर चोट के निशान नहीं मिले थे। दूसरी ओर इससे पहले एम्स भोपाल में तैयार की गई शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत से पहले शरीर पर छह चोटों के निशान दर्ज किए गए थे। दोनों रिपोर्टों में सामने आए इस अंतर ने मामले को और गंभीर बना दिया है और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों की अहमियत बढ़ गई है।

अब अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान चार्जशीट में शामिल साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया होगी। आरोप तय होने के बाद मुकदमे की सुनवाई किस दिशा में जाती है यह अदालत के सामने पेश किए जाने वाले दस्तावेजों और साक्ष्यों पर निर्भर करेगा। फिलहाल इस मामले में सबसे बड़ा घटनाक्रम यही है कि मुकदमे को विशेष न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी की अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया है और इसी अदालत में गिरिबाला सिंह तथा समर्थ सिंह के खिलाफ मामले की अगली कार्यवाही आगे बढ़ेगी।

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