September 13, 2026

JPSC-JSSC विवाद में छात्रों का आंदोलन जारी, देवेंद्र महतो बोले- हाई कोर्ट के फैसले का सम्मान, मांगों से समझौता नहीं

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रांची। JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। झारखंड हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के छात्र नेताओं ने साफ किया है कि वे अपनी मूल मांगों से पीछे नहीं हटेंगे। मंच के प्रमुख चेहरा देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि अदालत के फैसले का सम्मान है, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही की मांग पहले की तरह कायम है।

दरअसल, हाई कोर्ट ने 11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर नियुक्ति को रद्द करने वाले सरकार के आदेश पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इसके बाद छात्र नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलन की आगे की रणनीति बताई।

‘अंतरिम आदेश से मूल मांगें खत्म नहीं होतीं’

देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि अदालत की प्रक्रिया अपनी जगह चलती रहेगी, लेकिन हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश से छात्रों की मूल मांगें खत्म नहीं हो जातीं। उन्होंने कहा कि JPSC और JSSC की भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आंदोलन की पहली प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि आंदोलन किसी अभ्यर्थी के खिलाफ नहीं है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार, गड़बड़ी, अपारदर्शिता और व्यवस्था की खामियों के विरोध में शुरू किया गया था। इसलिए छात्र अपनी मांगों पर अब भी कायम हैं।

‘गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच हो’

महतो ने कहा कि जिन परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, उनकी निष्पक्ष, स्वतंत्र और विश्वसनीय जांच होनी चाहिए। जांच के नाम पर केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए, बल्कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

24 जिलों में मुख्यमंत्री का पुतला दहन

प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्र प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान भी किया। JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के मुताबिक, शुक्रवार को झारखंड के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया जाएगा। छात्रों ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में सुधार और अपनी मांगों को लेकर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

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