September 13, 2026

रांची में JPSC-JSSC छात्रों और सरकार के बीच बातचीत सकारात्मक, मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला

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नई दिल्ली । झारखंड की राजधानी रांची में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन शनिवार को 15वें दिन भी जारी रहा। जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। शुक्रवार रात से शुरू हुई बातचीत शनिवार को भी आगे बढ़ी। छात्रों ने बैठक को सकारात्मक बताया, लेकिन साफ कर दिया कि अभी उनकी किसी प्रमुख मांग पर ठोस फैसला नहीं हुआ है। ऐसे में आंदोलन समाप्त करने का निर्णय नहीं लिया गया है।

देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले JPSC-JSSC न्याय गुट के आठ छात्रों ने राज्य अतिथि गृह में सरकार के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। जानकारी के अनुसार बैठक शनिवार सुबह करीब 11 बजकर 20 मिनट पर शुरू हुई। बातचीत के बाद छात्र वापस प्रदर्शन स्थल पर लौट आए। छात्र नेताओं ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत का माहौल सकारात्मक रहा और उनकी बातों को सुना गया, लेकिन केवल बातचीत से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उनका कहना है कि उन्हें आश्वासन के बजाय अपनी मांगों पर स्पष्ट और ठोस कार्रवाई चाहिए।

छात्रों की प्रमुख मांग 14वीं जेपीएससी परीक्षा को लेकर है। प्रदर्शनकारी इस परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। छात्रों ने जांच के लिए केंद्रीय जांच एजेंसी या राज्य से बाहर के सेवानिवृत्त हाई कोर्ट न्यायाधीशों की समिति गठित करने की मांग रखी है। इसके अलावा जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग भी आंदोलन का अहम हिस्सा है।

बातचीत के बाद झारखंड सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार अलग-अलग छात्र समूहों और संबंधित लोगों से लगातार बातचीत करेगी। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों के सुझाव लिए जाएंगे ताकि मामले को समझकर आगे की कार्रवाई की जा सके। सरकार की ओर से लोगों से अपनी बात और सुझाव साझा करने के लिए ईमेल के माध्यम से जानकारी देने की व्यवस्था भी किए जाने की बात सामने आई है।

छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता उनके भविष्य से सीधे जुड़ी हुई है। इसलिए वे कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच और परीक्षा प्रणाली में सुधार के मुद्दे पर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।

आंदोलनकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि रविवार तक उनकी मांगों पर संतोषजनक फैसला नहीं लिया गया, तो 10 अगस्त को विधानसभा की ओर मार्च किया जाएगा। इससे आने वाले दिनों में आंदोलन के और तेज होने की संभावना बनी हुई है। हालांकि सरकार और छात्रों के बीच बातचीत शुरू होने से समाधान की उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन फिलहाल दोनों पक्षों के बीच प्रमुख मांगों को लेकर गतिरोध कायम है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाती है और क्या बातचीत के जरिए आंदोलन को समाप्त करने का रास्ता निकल पाता है।

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