July 20, 2026

राम मंदिर दान चोरी प्रकरण: टिन्नू यादव और मनीष से 39 घंटे की पुलिस रिमांड में होगी पूछताछ, खुलेंगे अहम राज

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अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दान प्रबंधन से जुड़े कथित गबन मामले में पुलिस ने आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और उसके भतीजे मनीष यादव से पूछताछ शुरू कर दी है। विशेष न्यायाधीश (एंटी करप्शन) की अदालत द्वारा मंजूर 39 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड शनिवार सुबह से लागू हो गई, जिसके तहत दोनों आरोपी रविवार रात 11 बजे तक पुलिस हिरासत में रहेंगे।

शनिवार सुबह पुलिस दोनों को जेल से अपनी अभिरक्षा में लेकर पुलिस लाइन पहुंची, जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद दोनों से पूछताछ शुरू हुई। जांच अधिकारी इस दौरान मामले से जुड़े कई अहम पहलुओं और पहले गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारियों का मिलान कर रहे हैं।

दो स्तर पर चल रही है जांच
मामले की जांच दो अलग-अलग स्तरों पर जारी है। एक ओर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) पूरे प्रकरण की पड़ताल कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अयोध्या पुलिस आपराधिक पहलुओं की जांच में जुटी है।

राज्य सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था, जिसमें लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, लखनऊ आईजी किरण एस. और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन शामिल हैं। समिति को मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकद दान की गणना के दौरान कथित गबन के आरोपों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

एसआईटी ने 23 जून को प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच के लिए उसका कार्यकाल 15 जुलाई तक बढ़ाया गया। जांच के दौरान समिति ने केवल कथित दान गबन ही नहीं, बल्कि मंदिर की प्रशासनिक और व्यवस्थागत प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की।

पुलिस जोड़ रही है सबूतों की कड़ियां
अयोध्या पुलिस इससे पहले छह अन्य आरोपियों को भी पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ कर चुकी है। जांच के दौरान कई नए तथ्य सामने आने का दावा किया गया है और कथित रूप से नकदी, सोना, वाहन, निवेश से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। जांच के क्रम में कई बैंक खातों को भी फ्रीज किया गया है।

अब पुलिस टिन्नू यादव और मनीष यादव से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर रही है, ताकि कथित धन के स्रोत, उसके उपयोग और पूरे मामले में अन्य लोगों की भूमिका को स्पष्ट किया जा सके। साथ ही जांच एजेंसी कथित गबन की कुल राशि और पूरे नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

एसआईटी रिपोर्ट पर टिकी नजर
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी अपनी अंतरिम रिपोर्ट जल्द सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर सकती है। यह भी चर्चा है कि अंतिम रिपोर्ट तैयार है और कुछ बिंदुओं के सत्यापन के बाद उसे औपचारिक रूप से सरकार को सौंपा जाएगा। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में कथित लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई, मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के सुझाव शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद हुई थीं गिरफ्तारियां
एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर अयोध्या पुलिस ने 25 जून को रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडेय और रामाशंकर मिश्रा सहित आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। बाद में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों की रिपोर्ट तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

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