चिराग और नीतीश की पार्टी ने वक्फ बिल पर बढ़ाया सस्पेंस, पत्ते खोले बिना विपक्ष की बढ़ाई टेंशन

नई दिल्ली, दोनों दलों ने बिल को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन इशारों में ही विपक्ष की टेंशन बढ़ा दी है। चिराग और नीतीश की पार्टी ने कहा कि विपक्ष मुसलमानों को भ्रमित कर रहा है। हालांकि जेडीयू के एमएलसी गुलाम गौस ने खुलकर बिल का विरोध किया है और मोदी सरकार से इसे वापस लेने की अपील की है।
वक्फ बिल पर नीतीश कुमार और चिराग ने बढ़ाया सस्पेंस, पत्ते खोले बिना विपक्ष को दी
वक्फ संशोधन बिल को बुधवार को लोकसभा में पेश किया जा सकता है। उससे पहले सरकार और विपक्ष अपनी फील्डिंग जमाने में जुटे हैं। विपक्ष को लगता है कि किसी भी तरह से इस बिल को रोक लिया जाए तो सरकार का दावा है कि एनडीए के साथियों के अलावा कुछ और दल भी हैं, जो इसका समर्थन कर रहे हैं। इस बीच एनडीए में भाजपा के सहयोगी दलों जेडीयू और चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी-आर ने सस्पेंस बढ़ा दिया है। दोनों दलों ने बिल को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन इशारों में ही विपक्ष की टेंशन बढ़ा दी है। चिराग और नीतीश की पार्टी ने कहा कि विपक्ष मुसलमानों को भ्रमित कर रहा है। इस तरह लोगों को डराना नहीं चाहिए। हालांकि जेडीयू के एमएलसी गुलाम गौस ने खुलकर बिल का विरोध किया है और मोदी सरकार से इसे वापस लेने की अपील की है।
गुलाम गौस ने कहा कि मेरी राय है कि इस विधेयक को तत्काल वापस लिया जाए। यदि देश हित और जनता में होगा। किसान आंदोलन जब चला तो बहुत से लोग हताहत हुए और अंत में देश हित में विधेयक को वापस लिया गया। अब जब किसान विधेयक वापस हो सकता है तो फिर वक्फ बिल क्यों नहीं होगा। गुलाम गौस ने कहा कि मेरी पार्टी समर्थन कर रही है, ऐसा दावा नहीं किया जा सकता। हमारे माननीय मुख्यमंत्री जी ने इस बारे में कुछ नहीं कहा है। उन्होंने कहा कि अभी तो मेरी यह निजी राय है कि इसे वापस लिया जाए।
ललन सिंह ने तो वक्फ बिल पर सस्पेंस ही बढ़ा दिया
वहीं ललन सिंह ने इस पर कुछ नहीं कहा। उन्होंने कहा कि हम लोकसभा में ही इस बिल पर अपना रुख स्पष्ट करेंगे। हमें विपक्ष से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। नीतीश कुमार को कांग्रेस के प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है। वे अपने गिरेबान में झांककर देखें कि इतने सालों तक राज किया, लेकिन मुसलमानों के लिए उन्होंने क्या किया। नीतीश कुमार ने मुसलमानों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए जो काम किया है, वह देश की किसी भी सरकार ने नहीं किया है।
संजय झा बोले- जो हो गया, उसे छोड़ें, बैक डेट से न हो लागू
वहीं संजय झा ने कहा कि वक्फ पर कानून बनना है तो उसे पीछे से लागू न किया जाए। पुराने समय से वक्फ बिल को लागू न किया जाए। संजय झा ने कहा कि नीतीश कुमार जी ने कभी भी मुसलमानों का अहित नहीं होने दिया है। चिराग पासवान की पार्टी ने भी बिल पर हां या ना नहीं कहा है, लेकिन उसने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। सांसद अरुण भारती ने कहा कि विपक्ष जिस तरह से लोगों को डरा रहा है, वह गलत है। वक्फ पर अलग-अलग समय पर बिल आया है। 1995 में भी एक विधेयक आया था, जिसका भाजपा ने भी समर्थन किया था। हम देखेंगे कि इससे कैसे मुस्लिमों को लाभ हो रहा है। सिर्फ मुसलमानों को डराने से ही काम नहीं चलेगा।