गुजरात हाई कोर्ट ने आसाराम बापू की अंतरिम जमानत 3 महीने बढ़ाई

नई दिल्ली, गुजरात हाई कोर्ट ने आसाराम बापू की अंतरिम जमानत 3 महीने के लिए बढ़ा दिया है। ये फैसला मेडिकल ग्राउंड पर लिया गया है।
आसाराम बापू को बड़ी राहत, गुजरात हाई कोर्ट ने 3 महीने बढ़ाई अंतरिम जमानत
गुजरात हाई कोर्ट ने रेप से जुड़े एक मामले में आसाराम बापू बड़ी राहत दी है। 31 मार्च को पूरी होने वाली उनकी अंतरिम जमानत 3 महीने के लिए बढ़ा दी गई है। ऐसे में वह अब 30 जून तक जमानत पर बाहर रह सकते हैं। कोर्ट ने यह फैसला मेडिकल ग्राउंड्स पर लिया है।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 2013 के रेप मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 86 साल के स्वयंभू संत आसाराम बापू को एक मामले में मेडिकल आधार पर 31 मार्च तक के लिए सशर्त अंतरिम जमानत दी थी।
जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस राजेश बिंदल की पीठ ने मानवीय आधार पर उनकी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए यह राहत दी। पीठ ने आसाराम पर जमानत पर जेल से बाहर रहने के दौरान सबूतों से छेड़छाड़ न करने के अलावा अपने अनुयायियों से नहीं मिलने जैसी शर्तें लगाई थीं।
आसाराम बापू ने की थी 6 महीने की अंतरिम जमानत की मांग
आसाराम बापू ने हाई कोर्ट में छह महीने की अंतरिम जमानत की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। उनके वकील ने तर्क दिया था कि डॉक्टरों ने पंचकर्म थेरेपी की सलाह दी है जो 90 दिन की होती है।
जस्टिस इलेश जे वोरा और संदीप एन भट्ट की पीठ ने शुरू में जमानत याचिका पर अलग-अलग फैसला सुनाया था। एक तरफ जस्टिस इलेश जे वोरा तीन महीने की जमानत देने के पक्ष में नजर आए तो वहीं जस्टिस भट्ट ने असहमति जताई। इसके बाद, मामला तीसरे जज के पास भेजा गया जिसमें जस्टिस एएस सुपेहिया ने जमानत देने का समर्थन किया।