July 23, 2026

फ्रांस का बड़ा डिजिटल फैसला 15 साल से कम उम्र के बच्चे नहीं बना सकेंगे सोशल मीडिया अकाउंट जानिए क्या हैं नए नियम

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नई दिल्ली । डिजिटल दौर में सोशल मीडिया बच्चों और किशोरों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है लेकिन इसके बढ़ते दुष्प्रभावों को देखते हुए फ्रांस ने एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। फ्रांसीसी सरकार ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य बच्चों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य की रक्षा करना है ताकि वे सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षित रह सकें।

सरकारी जानकारी के अनुसार देश में बड़ी संख्या में बच्चे हर दिन कई घंटे स्मार्टफोन और इंटरनेट पर बिताते हैं। स्वास्थ्य एजेंसियों के आंकड़ों के मुताबिक 12 से 17 वर्ष के अधिकांश किशोर प्रतिदिन इंटरनेट का उपयोग करते हैं और उनमें से बड़ी संख्या रोजाना दो से पांच घंटे तक मोबाइल स्क्रीन पर समय बिताती है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक सोशल मीडिया का उपयोग बच्चों के आत्मविश्वास एकाग्रता मानसिक संतुलन और सामाजिक व्यवहार पर नकारात्मक असर डाल सकता है। यही वजह है कि सरकार ने समय रहते सख्त कदम उठाने का फैसला किया है।

नए नियमों के तहत सितंबर से 15 वर्ष से कम आयु के बच्चे किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नया अकाउंट नहीं बना सकेंगे। इसके बाद जनवरी से पहले से बने ऐसे अकाउंट भी प्रतिबंध के दायरे में आ जाएंगे। यह नियम केवल किसी एक प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इंस्टाग्राम फेसबुक व्हाट्सएप और अन्य प्रमुख सोशल मीडिया सेवाओं पर भी लागू होगा। इन कंपनियों को नए कानून के अनुसार अपनी व्यवस्था में आवश्यक बदलाव करने होंगे ताकि आयु सत्यापन प्रभावी तरीके से किया जा सके।

फ्रांसीसी सरकार का मानना है कि सोशल मीडिया पर लंबे समय तक सक्रिय रहने से बच्चों में तनाव चिंता नींद की समस्या और सामाजिक अलगाव जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसके अलावा ऑनलाइन बुलिंग गलत जानकारी और अनुचित सामग्री तक पहुंच का खतरा भी बच्चों के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में सरकार का उद्देश्य डिजिटल दुनिया को बच्चों के लिए अधिक सुरक्षित बनाना है।

इस फैसले के बाद माना जा रहा है कि दुनिया के अन्य देश भी बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर इसी तरह के कानूनों पर विचार कर सकते हैं। इससे पहले वर्ष 2024 में ऑस्ट्रेलिया 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला देश बना था। वहां नियमों का पालन नहीं करने वाली कंपनियों पर भारी जुर्माने का भी प्रावधान किया गया था। अब फ्रांस का यह कदम वैश्विक स्तर पर डिजिटल सुरक्षा को लेकर नई बहस को जन्म दे सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कानून बनाना ही पर्याप्त नहीं होगा बल्कि अभिभावकों स्कूलों और सोशल मीडिया कंपनियों को भी बच्चों के सुरक्षित डिजिटल भविष्य के लिए मिलकर काम करना होगा। बच्चों को इंटरनेट का जिम्मेदारी से उपयोग करना सिखाना और उन्हें वास्तविक जीवन की गतिविधियों खेलकूद तथा पढ़ाई की ओर प्रेरित करना भी उतना ही आवश्यक है। फ्रांस का यह फैसला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है जो आने वाले समय में कई देशों के लिए उदाहरण बन सकता है।

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