August 3, 2026

मेमोरी चिप संकट का असर तेज, Xiaomi Redmi के बाद Pixel 11 भी होगा महंगा, जानिए क्यों बढ़ रहे हैं फोन के दाम

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नई दिल्ली। स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह समय थोड़ा महंगा साबित हो सकता है। वैश्विक स्तर पर मेमोरी चिप्स की कमी का असर अब सीधे मोबाइल बाजार पर दिखाई देने लगा है। पहले सैमसंग नथिंग वीवो और रियलमी जैसी कंपनियों ने अपने स्मार्टफोनों की कीमतों में बढ़ोतरी की थी और अब Xiaomi तथा Redmi ने भी कई लोकप्रिय मॉडलों के दाम बढ़ा दिए हैं। इसके साथ ही Google ने भी संकेत दे दिए हैं कि अगस्त में लॉन्च होने वाली Pixel 11 सीरीज पहले की तुलना में अधिक कीमत पर उपलब्ध होगी। लगातार बढ़ती कीमतों से साफ है कि आने वाले समय में नया स्मार्टफोन खरीदना पहले से ज्यादा खर्चीला हो सकता है।

Xiaomi ने अपने प्रीमियम स्मार्टफोन Xiaomi 17T की कीमत में पांच हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की है। कंपनी का 12GB और 256GB वेरिएंट जो पहले 59999 रुपये में उपलब्ध था अब 64999 रुपये में मिलेगा। वहीं 12GB और 512GB स्टोरेज वाला मॉडल अब 69999 रुपये में बिकेगा। यह बदलाव उन ग्राहकों के लिए बड़ा झटका है जो इस फोन को खरीदने की योजना बना रहे थे।

Redmi ने भी अपने कई लोकप्रिय मॉडलों की कीमतें बढ़ा दी हैं। Redmi Note 15 के 8GB और 128GB वेरिएंट की कीमत अब 28999 रुपये हो गई है। Redmi 15 5G के बेस मॉडल की कीमत भी एक हजार रुपये बढ़ाकर 21499 रुपये कर दी गई है। इसके अलावा Redmi 15C 5G और Redmi 15A 5G के दामों में भी 1000 से 1500 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। इस बदलाव के बाद बजट स्मार्टफोन खरीदने वाले ग्राहकों पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

Google ने भी स्पष्ट कर दिया है कि Pixel 11 सीरीज की कीमतें पहले से अधिक होंगी। हालांकि कंपनी ने आधिकारिक कीमतों का खुलासा नहीं किया है लेकिन माना जा रहा है कि Pixel 11 की शुरुआती कीमत लगभग 899 डॉलर हो सकती है जबकि पिछले मॉडल Pixel 10 की शुरुआती कीमत 799 डॉलर थी। Pixel 11 में बेस स्टोरेज को 128GB से बढ़ाकर 256GB किया जा रहा है जिससे इसकी लागत भी बढ़ी है। यही वजह है कि नए मॉडल की कीमत में इजाफा तय माना जा रहा है।

स्मार्टफोन कंपनियों का कहना है कि कीमत बढ़ाने की सबसे बड़ी वजह मेमोरी चिप्स की बढ़ती लागत है। पिछले एक वर्ष में रैम और अन्य मेमोरी चिप्स की कीमतों में कई गुना वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई आधारित डेटा सेंटरों की बढ़ती मांग के कारण चिप निर्माता कंपनियां अपना अधिक उत्पादन उसी क्षेत्र में भेज रही हैं। इससे स्मार्टफोन और लैपटॉप बनाने वाली कंपनियों के लिए मेमोरी चिप्स महंगी हो गई हैं और उन्हें अतिरिक्त लागत ग्राहकों तक पहुंचानी पड़ रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले महीनों में मेमोरी चिप्स की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो अन्य बड़ी कंपनियां भी अपने नए और पुराने स्मार्टफोनों की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं। ऐसे में जो ग्राहक नया स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं उनके लिए मौजूदा समय बेहतर साबित हो सकता है क्योंकि आगे कीमतों में और इजाफा होने की संभावना बनी हुई है।

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