September 13, 2026

नेपाल में भोटेकोशी नदी की बाढ़ ने मचाई तबाही, 100 मौतों का दावा; बालेन शाह बोले- ‘एकजुट होने की जरूरत’

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काठमांडू।
नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। उत्तरी नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार तड़के नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से नदी किनारे बसे कई इलाकों में पानी घुस गया। बाढ़ से घरों, सड़कों और कई महत्वपूर्ण ढांचों को नुकसान पहुंचने की खबर है। इसके बाद बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया है।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक 100 लोगों के मौत हो चुकी है। नेपाल के पर्यटन विभाग के मुताबिक 1000 से ज्यादा लोगों का पता नहीं चल रहा है। इनमें 133 भारतीय समेत 300 से ज्यादा विदेशी पर्यटक हैं। हालांकि, अलग-अलग स्तर पर सामने आ रहे आंकड़ों में अंतर है और स्थानीय प्रशासन की ओर से मृतकों, लापता लोगों और संपत्ति के नुकसान का अंतिम आंकड़ा जारी किया जाना बाकी है।

कई बस्तियां बाढ़ की चपेट में

उत्तरगया ग्रामीण नगरपालिका की उपाध्यक्ष चमेली गुरुङ के मुताबिक, भोटेकोशी नदी के उफान से करीब एक दर्जन बस्तियां प्रभावित हुई हैं। इनमें स्याफ्रुबेसी, बेत्रावती, मैलुंग, सल्लेतार, शांतिबाजार, पैरेबेसी, खल्ती बस्ती, सोले, त्रिशूली और बट्टार जैसे इलाके शामिल हैं।

बाढ़ की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोगों को संभलने का पर्याप्त मौका नहीं मिला। नदी के आसपास रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू किया गया।

राहत और बचाव अभियान जारी

सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में खोज और बचाव अभियान चला रही हैं। अब तक कई शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है।

हालांकि, 1000 से ज्यादा लोगों के बह जाने का दावा फिलहाल आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं हुआ है। प्रशासन की ओर से लापता लोगों और प्रभावित परिवारों का आंकड़ा जुटाया जा रहा है। ऐसे में आपदा की वास्तविक स्थिति का आकलन राहत अभियान आगे बढ़ने के बाद ही हो सकेगा।

बालेन शाह ने की एकजुट होने की अपील

आपदा के बीच काठमांडू के मेयर बालेन शाह ने लोगों से एकजुट होकर प्रभावित परिवारों की मदद करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसे मुश्किल वक्त में सभी को साथ खड़े होने की जरूरत है।

नेपाल में मानसून के दौरान बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना रहता है। भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं के खतरे और बेहतर आपदा प्रबंधन की जरूरत को सामने ला दिया है।

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