October 12, 2026

जूनियर डॉक्टरों के लिए बड़ी खबर, तीनों पीजी वर्ष के स्टाइपेंड में इजाफा, जानिए अब किसे हर महीने कितनी रकम मिलेगी

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भोपाल । मध्य प्रदेश के शासकीय मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले जूनियर डॉक्टरों के लिए राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने पीजी और सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों के मासिक स्टाइपेंड में 4.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। वित्त विभाग की सहमति मिलने के बाद बढ़ी हुई राशि 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। इस फैसले से पीजी प्रथम वर्ष से लेकर तृतीय वर्ष तक के डॉक्टरों के साथ सुपर स्पेशियलिटी के विद्यार्थियों को भी लाभ मिलेगा।
सरकार के आदेश के अनुसार पीजी प्रथम वर्ष के डॉक्टरों का मासिक स्टाइपेंड 77 हजार 662 रुपये से बढ़ाकर 81 हजार 126 रुपये कर दिया गया है। यानी अब उन्हें हर महीने पहले की तुलना में 3 हजार 464 रुपये अधिक मिलेंगे। इसी तरह पीजी द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को अब 80 हजार 50 रुपये के बजाय 83 हजार 620 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। इस श्रेणी में मासिक स्टाइपेंड में 3 हजार 570 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
पीजी तृतीय वर्ष के डॉक्टरों के स्टाइपेंड में भी इजाफा किया गया है। पहले उन्हें हर महीने 82 हजार 441 रुपये मिलते थे जबकि अब यह राशि बढ़ाकर 86 हजार 118 रुपये कर दी गई है। इस तरह तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों को हर महीने 3 हजार 677 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। वहीं सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम के प्रथम द्वितीय और तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों का मासिक स्टाइपेंड भी बढ़ाकर 86 हजार 118 रुपये कर दिया गया है।
विभाग के मुताबिक यह बढ़ोतरी महंगाई भत्ते के आधार पर की गई है। सरकार के इस निर्णय से मेडिकल कॉलेजों में प्रशिक्षण ले रहे डॉक्टरों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। पीजी और सुपर स्पेशियलिटी की पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों को अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और चिकित्सा सेवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य करने होते हैं। ऐसे में स्टाइपेंड में बढ़ोतरी उनके मासिक खर्चों को संभालने में मदद कर सकती है।
इस बीच प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड का मुद्दा भी चर्चा में है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी कर इसे 21 हजार 500 रुपये प्रतिमाह किए जाने की खबर सामने आई है। दूसरी ओर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन भी जारी रहने की जानकारी दी गई है। भोपाल में कमला पार्क के पास प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का आदेश ऐसे समय आया है जब चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों की आर्थिक मांगें चर्चा में हैं। अब बढ़ी हुई राशि के भुगतान और आदेश के क्रियान्वयन पर नजर रहेगी। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रशिक्षण ले रहे डॉक्टरों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।

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