July 16, 2026

दिल्ली में मतदाता सूची पुनरीक्षण की अवधि बढ़ी, अब 19 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम वोटर लिस्ट, सत्यापन को मिला अतिरिक्त समय

0
23-1784197195
नई दिल्ली । निर्वाचन आयोग ने दिल्ली में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-एसआईआर) कार्यक्रम की समयसीमा में संशोधन करते हुए पूरी प्रक्रिया को दस दिन आगे बढ़ा दिया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब राजधानी की अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। आयोग का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने, जानकारी अद्यतन कराने और सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने का पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना है।

दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 30 जून से शुरू किया गया था। इसके तहत बूथ लेवल अधिकारियों को घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करने, आवश्यक प्रपत्र उपलब्ध कराने तथा उन्हें वापस एकत्र करने की जिम्मेदारी दी गई थी। पहले यह अभियान 29 जुलाई तक पूरा होना था, लेकिन अब इसकी अंतिम तिथि बढ़ाकर 8 अगस्त कर दी गई है। इसी अवधि में मतदान केंद्रों के पुनर्गठन और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी पूरी की जाएंगी ताकि संशोधित मतदाता सूची अधिक सटीक और अद्यतन बन सके।

निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूची का प्रारंभिक मसौदा अब 17 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा। पहले इसे 5 अगस्त को जारी किया जाना था। मसौदा सूची जारी होने के बाद नागरिकों को अपने नाम जोड़ने, हटाने या किसी प्रकार की त्रुटि में सुधार कराने का अवसर मिलेगा। इसके लिए 17 अगस्त से 16 सितंबर तक दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। इसके बाद संबंधित अधिकारी सभी आवेदनों की जांच करेंगे और आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करते हुए उनका निपटारा करेंगे।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि दावों और आपत्तियों की जांच की प्रक्रिया 17 अगस्त से 15 अक्टूबर तक चलेगी। इस दौरान पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करने, गलत प्रविष्टियों में सुधार करने तथा आवश्यक संशोधन करने का कार्य पूरा किया जाएगा। सभी प्रक्रियाएं समाप्त होने के बाद 19 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जिसे आगामी चुनावी प्रक्रियाओं के लिए आधिकारिक आधार माना जाएगा।

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान अब तक सामने आए प्रारंभिक आंकड़े भी महत्वपूर्ण संकेत दे रहे हैं। सत्यापन के दौरान 30,907 ऐसे मतदाताओं की पहचान हुई है जिनका निधन हो चुका है। इसके अलावा 1,20,450 से अधिक मतदाता ऐसे मिले हैं जिन्होंने अपना निवास स्थान बदल लिया है। वहीं 12,160 मतदाता ऐसे पाए गए जो घर-घर सत्यापन के समय अपने पंजीकृत पते पर उपलब्ध नहीं थे। इन आंकड़ों के आधार पर आयोग मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और अद्यतन बनाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई कर रहा है।

निर्वाचन आयोग के अनुसार दिल्ली में चल रहा यह अभियान देशव्यापी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तीसरे चरण का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत 14 मई को की गई थी। इस चरण के पूरा होने के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। आयोग का मानना है कि नियमित अंतराल पर इस प्रकार का व्यापक सत्यापन लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने और मतदाता सूची की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक सहित कई राज्यों में भी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की समयसीमा बढ़ाई गई है। आयोग का कहना है कि विभिन्न राज्यों से प्राप्त प्रशासनिक आवश्यकताओं और सत्यापन कार्य की प्रगति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इससे अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने का अवसर मिलेगा और अंतिम सूची पहले की तुलना में अधिक सटीक तथा व्यापक रूप से अद्यतन हो सकेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed