July 16, 2026

होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ते तनाव के बीच सरकार का बड़ा कदम, भारतीय नाविकों की तैनाती पर जारी हुई नई एडवाइजरी

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नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात के बीच भारत सरकार ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। समुद्री प्रशासन महानिदेशालय (DGMA) ने शिपिंग कंपनियों और जहाज प्रबंधन से जुड़ी संस्थाओं के लिए नई एडवाइजरी जारी करते हुए निर्देश दिया है कि अगले आदेश तक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती से बचा जाए।

सरकार का यह निर्णय ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और सुरक्षा संबंधी जोखिमों को देखते हुए समुद्री मार्गों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल है, जहां से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और अन्य आवश्यक वस्तुओं का परिवहन होता है।

जारी एडवाइजरी में शिप ओनर और शिप मैनेजमेंट कंपनियों से कहा गया है कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। जब तक सुरक्षा स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक होर्मुज क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नागरिकों की तैनाती नहीं की जाए। साथ ही कंपनियों को क्षेत्र की बदलती परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

समुद्री प्रशासन का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह एहतियाती उपाय के रूप में लिया गया है। खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं और किसी भी अप्रत्याशित घटना से भारतीय नाविकों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। ऐसे में पहले से सावधानी बरतना आवश्यक माना गया है।

हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ी सैन्य गतिविधियों और क्षेत्रीय तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर भी असर डाला है। कई देशों ने अपने नागरिकों और व्यापारिक जहाजों के लिए अलग-अलग स्तर पर सुरक्षा सलाह जारी की है। भारत ने भी इसी क्रम में अपने समुद्री कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला का महत्वपूर्ण केंद्र है। इस मार्ग पर किसी भी प्रकार का सुरक्षा संकट अंतरराष्ट्रीय व्यापार, तेल आपूर्ति और समुद्री परिवहन को प्रभावित कर सकता है। इसलिए समुद्री कंपनियां भी लगातार सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन के निर्देशों के अनुरूप अपनी परिचालन रणनीति में बदलाव कर रही हैं।

सरकार ने शिपिंग कंपनियों से यह भी अपेक्षा की है कि वे अपने जहाजों की आवाजाही और चालक दल की तैनाती से जुड़े सभी निर्णय मौजूदा सुरक्षा आकलन के आधार पर लें। यदि क्षेत्र की परिस्थितियों में कोई नया बदलाव होता है तो उसके अनुसार आगे के निर्देश भी जारी किए जाएंगे।

भारतीय नाविक दुनिया के विभिन्न देशों के व्यापारिक जहाजों पर बड़ी संख्या में कार्यरत हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। वर्तमान एडवाइजरी को भी इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण एहतियाती कदम माना जा रहा है, ताकि किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में भारतीय समुद्री कर्मियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

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