July 24, 2026

Chaitra Purnima 2026: कब है चैत्र पूर्णिमा ? जानें व्रत, स्नान-दान और मुहूर्त की सही तिथि

0
26-2-1774510065

नई दिल्ली। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को चैत्र पूर्णिमा कहा जाता है। इस दिन व्रत, स्नान और दान करने का विशेष महत्व होता है। इस साल चैत्र पूर्णिमा तिथि 1 और 2 अप्रैल दोनों दिन है, जिससे लोग भ्रमित हैं कि व्रत और स्नान-दान किस दिन करना चाहिए। पंचांग के अनुसार, स्नान और दान सूर्योदय के आधार पर, जबकि व्रत चंद्रोदय के आधार पर किया जाता है।

चैत्र पूर्णिमा तिथि कब से कब तक
पंचांग के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल बुधवार को सुबह 7:06 बजे शुरू होकर 2 अप्रैल गुरुवार को सुबह 7:41 बजे समाप्त होगी।

सूर्योदय और स्नान-दान का समय

1 अप्रैल: सूर्योदय 06:11 AM
2 अप्रैल: सूर्योदय 06:10 AM
इस आधार पर, चैत्र पूर्णिमा का स्नान और दान 2 अप्रैल गुरुवार को करना शुभ माना गया है।

चंद्रोदय और व्रत की तिथि

1 अप्रैल: चंद्रोदय 06:11 PM
2 अप्रैल: चंद्रोदय 07:07 PM (वैशाख प्रतिपदा)
इसलिए, चैत्र पूर्णिमा व्रत 1 अप्रैल को रखना उचित है। इस व्रत में चंद्रमा की पूजा करके अर्घ्य दिया जाता है।

चैत्र पूर्णिमा 2026 मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त (स्नान के लिए उत्तम): 2 अप्रैल, 04:38 AM – 05:24 AM
अभिजीत मुहूर्त: 2 अप्रैल, 12:00 PM – 12:50 PM
व्रत पूजा मुहूर्त: 1 अप्रैल, 06:11 AM – 09:18 AM
प्रदोष काल: सूर्यास्त 06:39 PM के बाद माता लक्ष्मी की पूजा
रात में चंद्रमा की पूजा और अर्घ्य

4 शुभ योग में व्रत
1 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा का व्रत चार शुभ योग में आता है:-
रवि योग: सुबह 06:11 AM – 04:17 PM
सर्वार्थ सिद्धि योग: 04:17 PM – 2 अप्रैल सुबह 06:10 AM
वृद्धि योग: प्रात:काल – दोपहर 02:51 PM
ध्रुव योग: उसके बाद

चैत्र पूर्णिमा का महत्व

– व्रत और पूजा से परिवार में सुख-शांति आती है।
– माता लक्ष्मी की पूजा से दरिद्रता और धन संकट दूर होता है।
– रात में चंद्रमा की पूजा और अर्घ्य से मनोबल बढ़ता है और चंद्र दोष मिटता है।
– स्नान और दान करने से पाप नष्ट होते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।
– स्नान के बाद पितरों के लिए तर्पण और दान करने से उनका आशीर्वाद मिलता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed