October 5, 2026

भोपाल में भक्ति का सागर उमड़ा चतुर्मास के लिए आचार्य समय सागर महाराज का भव्य मंगल प्रवेश हजारों श्रद्धालु बने साक्षी

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भोपाल । भोपाल रविवार को जैन समाज की आस्था श्रद्धा और गुरु भक्ति के रंग में पूरी तरह रंगा नजर आया। चतुर्मास के पावन अवसर पर आचार्य समय सागर महाराज का 20 मुनियों के संघ के साथ राजधानी में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनने पहुंचे। पूरे मार्ग पर गुरु भक्ति के जयकारे गूंजते रहे और श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ आचार्य संघ का स्वागत किया।

मंगल प्रवेश के उपलक्ष्य में नारायण नगर जैन मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में महिलाएं युवा बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। श्रद्धालु पूरे मार्ग पर आचार्य विद्यासागर महाराज और आचार्य समय सागर महाराज के जयकारे लगाते हुए भक्ति भाव से आगे बढ़ते रहे। धार्मिक उल्लास और अनुशासित वातावरण ने पूरे आयोजन को विशेष बना दिया।

यात्रा के दौरान नाके चौराहे पर एक भावुक और आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिला जब मुनि निर्णय सागर महाराज उपाध्याय विश्रुत सागर महाराज और निर्यापक मुनि संभव सागर महाराज सहित पूरे मुनि संघ ने आचार्य समय सागर महाराज की परिक्रमा कर चरण वंदना की। श्रद्धालुओं ने इस दिव्य क्षण को अत्यंत श्रद्धा के साथ देखा और गुरु भक्ति के इस दृश्य ने सभी को भावविभोर कर दिया।

शोभायात्रा में आकर्षक झांकियां भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। जीव दया गोसेवा और हथकरघा को प्रोत्साहित करने वाले संदेशों के साथ निकाली गई झांकियों ने समाज को सेवा और करुणा का संदेश दिया। निर्माणाधीन रानी कमलापति जिनालय की प्रतिकृति ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। विभिन्न मंदिर समितियों महिला मंडलों युवा मंडलों सामाजिक संगठनों पाठशाला परिवारों और दिव्य घोष दल ने गुरु भक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर वातावरण को और भी भक्तिमय बना दिया।

इस आयोजन में केवल भोपाल ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र दिल्ली राजस्थान और आसपास के कई राज्यों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे। शहर के अनेक सामाजिक व्यापारिक और राजनीतिक संगठनों ने विभिन्न स्थानों पर स्वागत मंच बनाकर आचार्य संघ का अभिनंदन किया और श्रद्धा के साथ उनका स्वागत किया।

शोभायात्रा के समापन पर रानी कमलापति जिनालय में धर्मसभा आयोजित की गई। यहां भगवान आदिनाथ के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने श्रीफल अर्पित कर अष्टद्रव्य से आचार्य श्री के गुणों का स्मरण और वंदन किया। धर्मसभा में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया।

अपने संबोधन में आचार्य समय सागर महाराज ने आचार्य विद्यासागर महाराज के दीक्षा दिवस पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्र निर्माण संस्कृति संरक्षण और आत्मकल्याण का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आचार्य विद्यासागर महाराज के आदर्श केवल जैन समाज ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं और उनका मार्गदर्शन आने वाली पीढ़ियों को भी सही दिशा देता रहेगा।

चतुर्मास के शुभारंभ के साथ भोपाल में धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों का नया अध्याय शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में प्रवचन स्वाध्याय तप और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक साधना का विशेष अवसर प्राप्त होगा।

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