July 24, 2026

यूसीसी महिलाओं और बेटियों को समाज में सुरक्षा और बराबरी का अधिकार दिलाएगा ; हेमंत खण्डेलवाल

0
bjp-1784653596

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने मध्यप्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने यूसीसी लागू कर इतिहास रचा दिया है। भाजपा सरकार का यह निर्णय मध्यप्रदेश के इतिहास में सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों को सशक्त बनाने वाला ऐतिहासिक अध्याय है। यूसीसी महिलाओं और बेटियों को समाज में सुरक्षा और बराबरी का अधिकार दिलाएगा। इस कानून से सामाजिक समरसता, महिला सशक्तिरण के साथ संवैधानिक मूल्यों को नई मजबूती मिलेगी।

मध्यप्रदेश ने समान न्याय, समान अधिकारों की भावना को साकार किया
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि विधानसभा द्वारा यूसीसी विधेयक पारित कर मध्यप्रदेश ने समान न्याय, समान अधिकारों की भावना को साकार किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के समान न्याय और समान अधिकारों की भावना को साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। लिव-इन रिलेशनशिप का 1 महीने में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करना दण्डनीय अपराध है। हमारी सरकार ने जनजातीय समाज को यूसीसी कानून के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा है। जनजातीय समुदाय की संस्कृति से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। मध्यप्रदेश में अब एक ही कानून चलेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक समरसता तथा पारदर्शी कानूनी व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में यह एक दूरगामी और प्रभावी निर्णय सिद्ध होगा।

विधानसभा की स्वीकृति से संविधान की मूल भावना को मिली मजबूती
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि समान नागरिक संहिता विधेयक का विधानसभा से पारित होना संविधान के नीति-निर्देशक तत्वों में निहित उस भावना को साकार करने वाला कदम है, जिसमें सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून की परिकल्पना की गई है। समान नागरिक संहिता समाज के सभी वर्गों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करेगी, जिससे नागरिकों के अधिकार एवं कर्तव्य किसी पंथ अथवा व्यक्तिगत परंपराओं के आधार पर अलग-अलग न होकर संविधान की भावना के अनुरूप समान रूप से लागू होंगे। यह निर्णय न्यायिक समानता, सामाजिक समरसता और सुशासन को नई मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों के कारण विशेषकर महिलाओं को न्याय प्राप्त करने में अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। समान नागरिक संहिता इन चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करते हुए महिलाओं को अधिक अधिकार-संपन्न बनाने तथा उनके हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समान नागरिक संहिता मध्यप्रदेश को अधिक समरस, न्यायपूर्ण और प्रगतिशील राज्य बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed