August 3, 2026

FCNR योजना के उत्साहजनक नतीजे…. भारत आ सकते हैं 7 लाख करोड़ रुपये

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नई दिल्ली।
आरबीआई (RBI) की ओर से विदेशी मुद्रा (Foreign Currency) जुटाने के लिए शुरू की गई एफसीएनआर (बी) योजना (FCNR (B) Scheme) के सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं। एसबीआई रिसर्च (SBI Research) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना के जरिए भारत में कुल 80 से 85 अरब डॉलर (लगभग 7.1 लाख करोड़ रुपये) की विदेशी मुद्रा आ सकती है।


आखिर 45 दिनों में कैसे टूटा 13 साल पुराना रिकॉर्ड?

रिपोर्ट में बताया गया है कि योजना के जरिए बैंकों ने महज 45 दिनों में ही इतना फंड जुटा लिया है, जिसने वर्ष 2013 में तीन महीने के दौरान जुटाए गए कुल फंड के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। यह योजना 30 सितंबर तक खुली रहेगी। एसबीआई रिसर्च ने एफसीएनआर (बी) योजना के अपने पुराने अनुमान (40-45 अरब डॉलर) को संशोधित कर बढ़ा दिया है।


योजना के अंत तक कितना निवेश आने की उम्मीद है?

रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल एफसीएनआर जमा के जरिए ही योजना के अंत तक 65 से 70 अरब डॉलर आने की उम्मीद है। इसके अलावा, अगस्त और सितंबर 2026 में परिपक्व होने वाले पुराने डिपॉजिट का एक बड़ा हिस्सा भी ऊंची ब्याज दरों के आकर्षण में इसी योजना में दोबारा निवेश हो जाएगा।


अब तक किस माध्यम से कितना निवेश आया है?

17 जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक आए कुल निवेश में मुख्य योगदान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का रहा। इसमें बाहरी वाणिज्यिक कर्ज (ईसीबी) से 1.34 अरब डॉलर और विदेशी मुद्रा में कर्ज से 1.97 अरब डॉलर की राशि शामिल है।

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि विदेशी मुद्रा को आकर्षित करने के लिए जून में घोषित योजनाओं के तहत अब तक 32 अरब डॉलर की राशि भारत आ चुकी है। टैक्स नियमों में रियायत मिलने के बाद डेट सिक्योरिटीज में विदेशी निवेशकों ने करीब 7 अरब डॉलर का निवेश किया है।

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