October 5, 2026

भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय बैठक, आपसी संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर हुई चर्चा

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नई दिल्ली  भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने 30 मार्च, 2026 को रूस के उप विदेश मंत्री आंद्रे रुडेंको के साथ विदेश कार्यालय परामर्श (एफओसी) किया। विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के साथ रणनीतिक साझेदारी, आपसी हितों और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई।

विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, बातचीत के दौरान, दोनों पक्षों ने आपसी संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की और आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार भी साझा किए।

दोनों पक्षों ने दिसंबर 2025 में नई दिल्ली में हुए 23वें सालाना समिट में लिए गए फैसलों को लागू करने में हुई प्रक्रिया की समीक्षा की। दिसंबर की इस यात्रा के दौरान, रुडेंको ने भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर से भी मुलाकात की। एफओसी का आखिरी राउंड मार्च 2025 में मॉस्को में हुआ था।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा, “भारत-रूस विदेश कार्यालय परामर्श सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित किया गया, जिसकी सह-अध्यक्षता विदेश सचिव विक्रम मिसरी और रूस के उप विदेश मंत्री एंड्रे रुडेन्को ने की।”

उन्होंने कहा, “दोनों पक्षों ने विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के पूरे स्पेक्ट्रम की समीक्षा की और द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर आपसी दृष्टिकोण साझा किए।”

इसके अलावा, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के मई में भारत आने को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, लावरोव 14-15 मई को ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली आ सकते हैं।

इससे पहले 17 मार्च को, भारत और रूस ने नई दिल्ली में 7वां संयुक्त राष्ट्र परामर्श आयोजित किया, जिसमें चर्चा का मुख्य केंद्र संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के एजेंडे से जुड़े मुद्दे थे। विशेष रूप से आतंकवाद-रोधी उपाय, शांति स्थापना, यूएनएससी सुधार और अन्य विषय।

जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र में अपनी प्राथमिकताओं का आदान-प्रदान किया। चर्चा का मुख्य केंद्र संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के एजेंडे से जुड़े मुद्दे थे, विशेष रूप से आतंकवाद-रोधी उपाय, शांति स्थापना, यूएनएससी सुधार और अन्य विषय।”

इससे पहले 11 मार्च को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के साथ टेलीफोन पर बातचीत की और पश्चिम एशिया संघर्ष तथा द्विपक्षीय संबंधों के विस्तार पर चर्चा की

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