जंतर-मंतर प्रदर्शन में पुलिस से कथित मारपीट की जांच तेज, वीडियो फुटेज से प्रदर्शनकारियों की पहचान में जुटी दिल्ली पुलिस
जांच के दौरान पुलिस यह भी देख रही है कि घटना की शुरुआत किस तरह हुई और अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन के दौरान क्या-क्या हुआ। सामने आए वीडियो में महिला पुलिस अधिकारियों और कांस्टेबलों के साथ कथित धक्का-मुक्की और मारपीट के दृश्य होने की बात कही गई है। पुलिस अन्य माध्यमों से मिले वीडियो और फुटेज की भी जांच कर रही है, ताकि घटनाओं का क्रम स्पष्ट किया जा सके और कथित तौर पर शामिल लोगों की पहचान की जा सके। मौजूदा जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की उन धाराओं के तहत FIR दर्ज होने की संभावना है, जिनमें सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने, उनके काम में बाधा डालने और ड्यूटी के दौरान उन्हें रोकने जैसे अपराध शामिल हैं। इस कार्रवाई से पहले पुलिस अलग-अलग वीडियो फुटेज का मिलान कर रही है। जांच का मुख्य फोकस प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ हुई कथित बदसलूकी और मारपीट की घटनाओं तथा उनमें शामिल लोगों की पहचान पर है।
यह मामला 7 अक्टूबर को जंतर-मंतर के पास हुए INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन से जुड़ा है। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। विपक्षी नेताओं ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों ने पुलिस बैरिकेड पार करके जंतर-मंतर की ओर जाने की कोशिश की। राहुल गांधी ने बैरिकेड से लगे गेट को खोलने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी।
प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया और कहा कि कई विपक्षी नेता घायल हुए। प्रियंका गांधी भी प्रदर्शन के दौरान जमीन पर लेटी हुई नजर आईं। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों पर बदसलूकी करने और जमीन पर गिराने का आरोप लगाया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में भी लिया। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट के आरोपों की अलग से जांच की जा रही है। दिल्ली पुलिस की ओर से सामने आए मामलों में पुलिसकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और ड्यूटी में बाधा डालने से जुड़े पहलुओं को देखा जा रहा है। इससे पहले 6 अक्टूबर के प्रदर्शन को लेकर भी दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की थी। पुलिस के अनुसार, INDIA ब्लॉक ने संसद से निर्वाचन सदन तक मार्च की योजना बनाई थी, लेकिन इसके लिए आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी।
