September 13, 2026

आईएसआई समर्थित नेटवर्क की दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हमले की साजिश पंजाब पुलिस ने विफल की।

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नई दिल्ली । पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से सीमा पार संचालित एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े दो अलग-अलग आतंकी मॉड्यूल को निष्क्रय करते हुए राजधानी दिल्ली में एक संभावित भीषण हमले की योजना को समय रहते नाकाम कर दिया गया है। जांच अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार यह नेटवर्क काफी समय से देश के विभिन्न संवेदनशील हिस्सों में समानांतर गतिविधियां चलाने का प्रयास कर रहा था।

प्रारंभिक तफ्तीश में इस बात की पुष्टि हुई है कि इस साजिश का मुख्य लक्ष्य राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर क्षेत्र में एकत्रित हुए छात्र आंदोलनकारियों को निशाना बनाना था। आतंकियों की मंशा भीड़भाड़ वाले इलाके में अफरा-तफरी और अशांति फैलाकर व्यवस्था को छिन्न-भिन्न करने की थी। सुरक्षा बलों द्वारा सही समय पर की गई त्वरित और सटीक कार्रवाई के चलते किसी भी तरह की अनहोनी घटना को होने से रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने इस सिलसिले में विभिन्न स्थानों से कुल नौ संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए आरोपियों में चार नाबालिग भी शामिल पाए गए हैं, जिनका इस्तेमाल आकाओं द्वारा मोहरे के रूप में किया जा रहा था। तलाशी अभियान के दौरान संदिग्धों के कब्जे से कई अत्याधुनिक हथियार, गोला-बारूद और आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद की गई हैं। पूछताछ में सामने आया है कि इन सभी को सरहद पार बैठे हैंडलरों के माध्यम से लगातार दिशा-निर्देश प्राप्त हो रहे थे।

सुरक्षा तंत्र के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मॉड्यूल के कुछ सदस्यों ने पहले ही जंतर-मंतर पहुंचकर वहां का जायजा ले लिया था। उन्हें इस गतिविधि को अंजाम देने के लिए जरूरी संसाधन और सहायता मुहैया कराई जा रही थी। हालांकि, निरंतर निगरानी और खुफिया जानकारी के सटीक विश्लेषण के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर ली गई। इस घटनाक्रम के उपरांत दिल्ली समेत देश के अन्य संवेदनशील राज्यों में सुरक्षा ढांचा और मजबूत किया जा रहा है।

जांच में यह पहलू भी उजागर हुआ है कि गिरोह के सदस्यों को विभिन्न रणनीतिक स्थानों और सुरक्षा बलों के काफिलों की गतिविधियों की रेकी करने का जिम्मा सौंपा गया था। वे अपने डिजिटल उपकरणों से गोपनीय वीडियो तैयार कर विदेशी हैंडलरों को भेज रहे थे। इस नेटवर्क का उद्देश्य केवल एक तात्कालिक हमला करना नहीं, बल्कि लंबे समय तक देश में अस्थिरता का माहौल बनाए रखना था, जिसके चलते अब जांच का दायरा कई अन्य राज्यों तक विस्तृत कर दिया गया है।

मामले में नाबालिगों की मौजूदगी ने सुरक्षा विश्लेषकों की चिंता बढ़ा दी है। गिरोह के सरगना युवाओं और किशोरों को भड़काकर तथा पैसों का लालच देकर गैरकानूनी गतिविधियों में धकेल रहे थे। इसके अलावा, अवैध बैंकिंग मार्गों और हवाला के माध्यम से पैसों के लेन-देन की बात भी सामने आई है। वित्तीय जांच एजेंसियां इस पूरे फंडिंग नेटवर्क की तह तक जाने के लिए बैंक खातों और विदेशी संपर्कों की सूक्ष्म पड़ताल में जुटी हुई हैं।

पुलिस और जांच एजेंसियां वर्तमान में गिरफ्तार किए गए सभी नौ आरोपियों से आमने-सामने बैठाकर विस्तृत पूछताछ कर रही हैं। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि अंतर-राज्यीय और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के कारण इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश का समय पर पर्दाफाश संभव हो सका है। आने वाले दिनों में इस मामले की विस्तृत जांच के आधार पर कई अन्य महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां और नए तथ्य सामने आने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

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