September 13, 2026

सीजेपी प्रदर्शन के दौरान बढ़ीं चोरी की वारदातें, फेस रिकॉग्निशन सिस्टम से सैकड़ों संदिग्ध पुलिस के रडार पर

0
8-1786005962

नई दिल्ली ।
राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर आयोजित विशाल विरोध प्रदर्शन के दौरान आपराधिक तत्वों द्वारा चोरी और जेबतराशी की घटनाओं को अंजाम देने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। पुलिस आंकड़ों के अनुसार प्रदर्शन के दौरान 177 से अधिक चोरी की शिकायतें दर्ज की गई हैं। इस अप्रत्याशित बढ़ोतरी के बाद दिल्ली पुलिस ने अत्याधुनिक फेस रिकॉग्निशन सिस्टम की मदद से व्यापक अभियान चलाकर 717 संदिग्धों को चिन्हित किया है।

प्रदर्शन और मार्च के दौरान सबसे अधिक शिकायतें कीमती स्मार्टफोन्स, पर्स और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के गायब होने से संबंधित प्राप्त हुई हैं। विशेषकर जब जंतर-मंतर और आसपास के मुख्य मार्गों पर प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा चरम पर था, तब शातिर जेबतराशों ने अव्यवस्था का फायदा उठाकर दर्जनों लोगों को अपना शिकार बनाया। पीड़ित नागरिकों की लगातार आती शिकायतों को देखते हुए स्थानीय थाना पुलिस और विशेष शाखाओं ने संयुक्त रूप से मामले की पड़ताल शुरू की है।

जांच प्रक्रिया के तहत दर्ज एफआईआर और ऑनलाइन ई-दर्ज रिपोर्टों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार कई नागरिकों ने सीधे तौर पर चोरी का मामला दर्ज कराया, जबकि कुछ ने अपने कीमती सामान के खोने की सूचना दर्ज कराई है। प्राथमिक आकलन के आधार पर पुलिस का मानना है कि गुमशुदगी की अधिकांश घटनाएं संगठित जेबतराशी गिरोहों का परिणाम हो सकती हैं, जिसके चलते सभी मामलों का एक साथ अध्ययन किया जा रहा है।

वारदातों को सुलझाने के लिए दिल्ली पुलिस ने तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया है। कार्यक्रम स्थल और पहुंच मार्गों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से प्राप्त फुटेज को फेस रिकॉग्निशन सॉफ्टवेयर के माध्यम से स्कैन किया गया। इस डिजिटल जांच के दौरान हजारों चेहरों का मिलान पुलिस के पुराने आपराधिक डेटाबेस से कराया गया, जिसके बाद 717 संदिग्ध व्यक्तियों की संदिग्ध उपस्थिति और संलिप्तता की पुष्टि हुई है।

पहचाने गए संदिग्धों की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई समर्पित टीमों का गठन किया गया है। चिन्हित किए गए आरोपियों के रिकॉर्ड और उनके संबंधित इलाकों की पुलिस इकाइयों के साथ डेटा साझा किया गया है। अधिकारियों का मुख्य लक्ष्य चोरी किए गए मोबाइल और अन्य मूल्यवान वस्तुओं की जल्द से जल्द बरामदगी सुनिश्चित करना तथा भीड़ का फायदा उठाने वाले ऐसे अंतरराज्यीय गिरोहों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है।

फिलहाल तकनीकी साक्ष्यों और सीडीआर के आधार पर संदिग्धों के ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। सुरक्षा तंत्र ने बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भाग लेने वाले नागरिकों से अपनी निजी वस्तुओं के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के उपरांत दोषी पाए जाने वाले सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी धाराओं के तहत निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed